कांग्रेस के लिए क्यों जरूरी हैं सचिन पायलट ? पढ़ें पूरी खबर RGHNEWS के साथ

जयपुर. अपने बगावती तेवरों से प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार को सांसत में डालने वाले डिप्टी सीएम एवं पीसीसी चीफ सचिन पायलट राजस्थान में पार्टी का बड़ा चेहरा हैं. पायलट गुर्जर समुदाय से आते हैं. इनके पार्टी छोड़ने से गुर्जर समुदाय का 7 प्रतिशट वोट बैंक कांग्रेस से छिटक सकता है. यह वोट बैंक 2018 में एकतरफा कांग्रेस के साथ था. पूर्वी राजस्थान में गुर्जर वोट बैंक निर्णायक है. 2018 में सचिन पायलट की वजह से गुर्जरों ने कांग्रेस को एकतरफा वोट दिया था.
कांग्रेस के कई दिग्गज हैं पायलट कैम्प में
उस समय कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें पूर्वी राजस्थान से ही मिली थीं. इसके साथ ही सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं. अगर पायलट पार्टी छोड़ते हैं तो संगठन का एक बड़ा हिस्सा इनके साथ जा सकता है. राजस्थान कांग्रेस के कई बड़े चेहरे हैं जो सचिन पायलट के साथ जुड़े हैं. इनमें दीपेंद्र सिंह शेखावत पिछली अशोक गहलोत में विधानसभा अध्यक्ष थे. सीकर जिले के श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सिंह सोनिया गांधी की ओर से सत्ता और संगठन में समन्वय के लिए बनाई गई समिति के सदस्य भी हैं
पहले शीतयुद्ध के रूप में था पूरा विवाद
उल्लेखनीय है सत्ता और संगठन में चल रहे ताजा घटनाक्रम में साफ तौर पर दो धड़े आमने-सामने हैं. पहले यह धड़ेबंदी शीत युद्ध के रूप में थी और अब सबकुछ सबके सामने है. यही वजह कि इतने बड़े सियासी घटनाक्रम के बावजूद कांग्रेस पायलट को बार-बार मनाने में जुटी है. ऐसे में पार्टी जल्दबाजी में कोई भी कदम नहीं उठाना चाहती है. वह शांतिपूर्वक बीच का रास्ता निकालने में जुटी है.



