एक हाथ में पत्नी का कटा सिर, दूसरे में चाकू और चेहरे पर हंसी

तेहरान. गली में अपनी क्षत-विक्षत युवा पत्नी के कटे सिर को दिखाने वाले एक व्यक्ति के वायरल वीडियो ने पूरे ईरान (Iran) को हिला दिया है. व्यक्ति को जब पता चला कि उसकी पत्नी का कथित तौर पर दूसरे से संबंध है, तो उसने इस घटना को अंजाम दिया. पुलिस को संदेह है कि 17 वर्षीय मोना हैदरी (Mona Heidari) को उसके पति और बहनोई ने दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज़ (Southwestern City of Ahvaz) में मार डाला था, ईरान की आईएसएनए समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी.
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय पुलिस का हवाला देते हुए कहा कि सोमवार तक अधिकारियों ने “उनके ठिकाने पर छापेमारी के दौरान” दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. इस मुद्दे के बाद ईरान में महिलाओं के जुड़े मामलों के उपाध्यक्ष एन्सिह खज़ाली संसद में “तत्काल उपाय” करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने के मद्देनजर अधिकारियों से आह्वान करने के लिए प्रेरित हुए हैं.
घटना से ईरान के लोगों में गुस्सा
ईरानी अखबारों और सोशल मीडिया पर हत्या को लेकर सदमे और गुस्से का आलम देखा जा रहा है, जिसमें कई लोग सामाजिक और कानूनी सुधारों की मांग कर रहे थे. सुधारवादी दैनिक सज़ांदेगी ने कहा, “एक इंसान का सिर काट दिया गया था, उसका सिर सड़कों पर दिखाया गया था और हत्यारे को इसका गर्व था.” उन्होंने आगे कहा, “हम इस तरह की त्रासदी को कैसे स्वीकार कर सकते हैं? हमें कार्रवाई करनी चाहिए ताकि फिर से किसी स्त्री के साथ ऐसा ना हो
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों में सुधार की मांग
लोकप्रिय नारीवादी फिल्म निर्माता तहमीने मिलानी (Tahmineh Milani) ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “मोना हैदरी विनाशकारी अज्ञानता का शिकार थी. इस अपराध के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं.” हैदरी की हत्या के बाद, घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों में सुधार और शादी के लिए कानूनी उम्र बढ़ाने की मांग फिर से तेज हो गई है. वर्तमान में ईरान में शादी की न्यूनतम उम्र 13 साल है.
ऑनर किलिंग के लिए कानूनी खामियां जिम्मेदार
ईरानी मीडिया के अनुसार, जब पीड़िता की शादी हुई थी, तब उसकी उम्र महज 12 साल थी और जब उसकी हत्या हुई, तब तक उसका एक तीन साल का बेटा था. वकील अली मोजतहेदजादेह ने सुधारवादी पेपर शार्ग (Reformist Paper Shargh) में “ऑनर किलिंग को बढ़ावा” देने के लिए “कानूनी खामियों” को जिम्मेदार ठहराया.
संसद के सदस्य एलहम नदाफ (Elham Nadaf) ने आईएलएनए समाचार एजेंसी को बताया, “दुर्भाग्य से, हम ऐसी घटनाएं देख रहे हैं क्योंकि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए कानूनों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हैं.”
आईआरएनए ने बताया कि अधिकारियों ने इस बीच समाचार वेबसाइट Rokna को यह कहते हुए बंद कर दिया कि यह “मनोवैज्ञानिक रूप से परेशान समाज” है. दरअसल, इसी वेबसाइट ने आदमी का वायरल वीडियो साझा किया था.



