*✍️नाबालिक का शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी पास्को व एट्रोसिटी एक्ट में पाया गया दोषी..कोतरारोड़ थाने के मामले में तत्कालिक CSP अविनाश ठाकुर ने की है विवेचना...!!!* – RGH NEWS
रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

*✍️नाबालिक का शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी पास्को व एट्रोसिटी एक्ट में पाया गया दोषी..कोतरारोड़ थाने के मामले में तत्कालिक CSP अविनाश ठाकुर ने की है विवेचना…!!!*

RGHNEWS प्रशांत तिवारी दिनांक 03/09/2021 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, (एफटीसी) रायगढ़ की पीठासीनअधिकारी श्रीमती पल्लवी तिवारी के न्यायालय में पास्को, एट्रोसिटी एक्ट के मामले में *आरोपी रमजान खान पिता महबूब खान मुसलमान उम्र 21 वर्ष निवासी व थाना कापू जिला रायगढ़* को नाबालिक बालिका (15 साल) को भगा ले जाकर उसका शारीरिक शोषण करने का दोषी पाया गया जबकि आरोपी बालिका को नाबालिग एवं विशेष वर्ग की होना भलि भांति जानता था । फास्ट ट्रेक कोर्ट रायगढ़ के न्यायालय में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए दलितों एवं साक्ष्यों को उर्पयुक्त पाते हुए आरोपी को धारा 3(2)(V) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में आजीवन कारावास व ₹10,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है । मामले में आरोपी पर एट्रोसिटी एक्ट की धारा आरोपित किये जाने पर प्रकरण की विवेचना तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश ठाकुर द्वारा की गई है । माननीय न्यायालय में अभियोजन की ओर से श्री मोहन सिंह ठाकुर, विशेष लोक अभियोजक तथा अभियुक्त की ओर श्री तेजराम पटेल, पैनल अधिवक्ता द्वारा पैरवी की गई है ।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10/06/2019 को थाना कोतरारोड़ में नाबालिग बालिका के पिता द्वारा दिनांक 10/06/2021 के दोपहर इनकी गैर मौजूदगी में बालिका को रमजान खान बलपूर्वक भाग ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया था , जिस पर थाना कोतरारोड़ में आरोपी के विरूद्ध *अप.क्र. 127/2019 धारा 363 IPC* का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । विवेचना दरम्यान बालिका को रमजान खान के घर कापू से दस्तयाब किया गया । बालिका के कथन पर *धारा 366, 376 IPC 6 Posco Act एवं अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(V)* विस्तारित कर आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया । प्रकरण की प्राथमिक विवेचना सहायक उप निरीक्षक डीपी भारद्वाज द्वारा की गई , जिसके बाद डायरी नगर पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर द्वारा अपने हस्ते लेकर सम्पूर्ण विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय प्रस्तुत कराया गया । आरोपी को आरोपित सभी धाराएं 363, 366, 376(3) IPC 6 Posco Act एवं अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(V) में अर्थदंड के साथ दंडित किया गया है, जिसमें उसे एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं में आजीवन कारावास का दंड मिला है ।

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