Solar Eclipse 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण आज, जानें सूतक काल का सही समय और नियम

Solar Eclipse 2026 साल का यह दूसरा सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। सूर्य ग्रहण को लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में कई तरह की सावधानियां बताई गई हैं। ग्रहण काल के दौरान कुछ कार्यों से बचने और कुछ विशेष उपाय करने की मान्यता है। इनमें सूर्य को सीधे न देखना, भोजन बनाने से बचना आदि शामिल है। तो चलिए जानते हैं कि ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और किन कामों से बचना चाहिए।
सूर्य ग्रहण कितने बजे से लगेगा?
इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। इस दिन हरियाली अमावस्या भी मनाई जाएगी। भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण का आरंभ रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगा और समाप्त रात 1 बजकर 28 मिनट पर होगा। बता दें कि ग्रहण के दौरान मंदिर तक के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके अलावा ग्रहण के समय रसोईघर में जुड़े सारे काम बंद हो जाते हैं। इतना ही ग्रहणकाल के समय खाना-पीना भी वर्जित होता है। ग्रहण के समय मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव कम होता है।
ग्रहण काल में रखें सावधानी
12 अगस्त को वर्ष का यह दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य कर्क राशि में है। ग्रहण के समय चन्द्रमा भी कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में हैं। ऐसे में ग्रहण के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय समय के अनुसार, इस ग्रहण का स्पर्शकाल आज रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगा, जबकि इसका मोक्ष काल आज देर रात 1 बजकर 28 मिनट पर होगा। इस तरह ग्रहण का कुल पर्वकाल 4 घंटे 24 मिनट का रहेगा।
सूर्य को सीधे न देखें: सूर्य ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए।
रसोई के काम से बचें: ग्रहण के समय रसोई से संबंधित कार्य नहीं करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से इस दौरान खाना बनाने से बचना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। इस दौरान उन्हें कुछ विशेष कार्यों से बचना चाहिए।
सुई में धागा न डालें: ग्रहण के दौरान सुई में धागा डालने से बचना चाहिए।
काटने और छीलने से बचें: इस दौरान किसी वस्तु को काटने या छीलने का काम नहीं करना चाहिए।
छौंक और बघार न लगाएं: ग्रहण के दौरान भोजन में छौंक या बघार लगाने से भी बचना चाहिए।
पूजा पाठ न करें: ग्रहण के समय मंदिर में पूजा पाठ नहीं करनी चाहिए। इस दौरान दीपक भी नहीं जलाना चाहिए। इसके बजाय मन ही मन भगवान का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का तेज आवाज में उच्चारण करना चाहिए। सूर्यदेव का मंत्र इस प्रकार है- “ॐ ह्रां ह्रीं हौं स सूर्याय नम”
सूर्यदेव का विशेष मंत्र: सूर्यदेव का एक अन्य विशेष मंत्र भी बताया गया है। मंत्र इस प्रकार है- “ऊँ घृणिः सूर्याय नमः”
ऐसे करें मंत्र उच्चारण: मान्यता के अनुसार, तेज आवाज में मंत्रों का उच्चारण करने से ग्रहण के दौरान फैली नकारात्मकता का व्यक्ति पर असर नहीं पड़ता है।
ग्रहण के बाद करें सफाई
Solar Eclipse 2026ग्रहण के बाद घर की साफ सफाई करके पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। साथ ही घर के मंदिर में रखी सभी देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों पर भी गंगाजल का छिड़काव करके स्नान करना चाहिए। इसके अलावा सूर्य ग्रहण के बाद दान अवश्य करना चाहिए और गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के बाद स्नान जरूर करना चाहिए।



