Small Savings Interest Rates: पीपीएफ, सुकन्या सहित सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला, सितंबर को सरकार करेगी फैसला
Small Savings Interest Rates छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वाले लाखों निवेशकों के लिए सितंबर का आखिरी दिन बेहद अहम होने वाला है। सरकार 30 सितंबर 2026 को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए PPF, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), किसान विकास पत्र (KVP) और दूसरी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार मौजूदा ब्याज दरों को बरकरार रखेगी या इनमें बदलाव करेगी।
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने में करती है। इससे पहले 30 जून 2026 को हुई समीक्षा में जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए सभी प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब 30 सितंबर को होने वाली समीक्षा के बाद अक्टूबर से दिसंबर तक लागू होने वाली नई दरों का ऐलान किया जाएगा।
सरकारी बॉन्ड यील्ड पर रहती है नजर
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें तय करने में सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासतौर पर समान अवधि वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड को एक अहम संकेतक माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक 30 जून 2026 को 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 6.74% थी, जो 22 सितंबर तक बढ़कर लगभग 7.05% हो गई। यानी इस अवधि में करीब 31 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बढ़ी हुई यील्ड का असर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर पड़ता है या नहीं।
PPF और सुकन्या निवेशकों की नजर
PPF और सुकन्या समृद्धि योजना जैसे विकल्प लंबी अवधि के निवेश के लिए काफी लोकप्रिय हैं। इनकी ब्याज दर में छोटा बदलाव भी लंबे समय में निवेशकों के कुल रिटर्न पर असर डाल सकता है। वहीं किसान विकास पत्र में ब्याज दर के साथ उसकी मैच्योरिटी अवधि भी महत्वपूर्ण होती है। हालांकि सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी उसी अनुपात में बढ़ाएगी। अंतिम फैसला सरकार ही करेगी।
30 सितंबर को साफ होगी तस्वीर
Small Savings Interest Ratesफिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में PPF, SSY, KVP या अन्य योजनाओं की दरें बढ़ेंगी, घटेंगी या मौजूदा स्तर पर बनी रहेंगी। सरकार की आधिकारिक अधिसूचना आने तक किसी भी बदलाव को निश्चित नहीं माना जा सकता। 30 सितंबर को होने वाला फैसला ही अगले तीन महीनों के लिए इन सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तस्वीर साफ करेगा।