Raigarh News: सीएमएचओ ने सर्वाइकल कैंसर के लक्षण एवं उसके बचाव के संबंध में दी जानकारी – RGH NEWS
रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

Raigarh News: सीएमएचओ ने सर्वाइकल कैंसर के लक्षण एवं उसके बचाव के संबंध में दी जानकारी

Raigarh News: *रायगढ़, 4 दिसम्बर 2023/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आर.एन.मंडावी ने सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली सबसे गंभीर समस्या है जो महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौंतो का प्रमुख कारण है। सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा के अस्तर में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि है। गर्भाशय ग्रीवा महिला प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है और गर्भ के निचले हिस्से में स्थित है, जो गर्भ से योनि तक खुलती है। इस कैंसर को बच्चेदानी के कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होते है। एचपीवी वायरस का एक समूह है। जो दुनिया भर में बेहद आम है।

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सर्वाइकल कैंसर के सबसे आम लक्षण और शुरूवाती संकेत है जैसे:-पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, संभोग के बाद खून, मैनोपोज के बाद खून बहना, संभोग के दौरान बैचेनी या खून आना, तेज गंध के साथ योनि से स्त्राव, रक्त के साथ योनि से स्त्राव, यूरिन करते समय दर्द महसूस होना।
Raigarh News सर्वाइकल कैंसर से बचाव:-नियमित रूप से कराएं पैप जांच अगर आप खुद को सर्वाइकल कैंसर से बचाना चाहते है, तो इसके लिये बेहद जरूरी है कि नियमित रूप से पैप जांच कराएं पैप जांच की मदद से आप गर्भाशय ग्रीवा में होने वाली असामान्यताओं का पता लगा पाएंगी। साथ ही इस बारे में अपने डॉक्टर से संपर्क कर कब और किस उम्र में इस टेस्ट को कराना चाहिये। धूम्रपान करने से बचे, जिन महिलाओं की धूम्रपान करने की आदत होती है उनमें इस बीमारी का खतरा और भी बढ़ जाता है कि तंबाकू या उनके उत्पाद के सेवन से सर्विक्स कोशिकाओ के डीएनए को नुकसान पहुंचाते है, जो सर्वाइकल कैंसर में बदल सकता है। इसलिए धूम्रपान से दूरी बनायें रखें। एचपीवी के खिलाफ लगाएं टीका, एचपीवी के कई प्रकार है जिनमें से कुछ उच्च जोखिम वाले प्रकार पाये जाते है। दो एचपीवी प्रकार (16 और 18) 70 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर और कैंसर से पहले के सर्वाइकल घावों का कारण बनते है। एचपीवी को गुदा, योनी, लिंग और ऑरोफरीनक्स के कैंसर से जोडऩे के प्रमाण भी है, इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिये अपने डॉक्टर से बचाव के लिये एचपीवी के खिलाफ टीका जरूर लगवाएं। सुरक्षित यौन संबंध का विशेष ध्यान रखें जिससे आप इस गंभीर बीमारी से खुद को काफी हद तक बचा सकते है।

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