PM Modi GST Reform: PM Modi का बड़ा ऐलान, दिवाली से सस्ती हो जाएंगी जरूरत के समान, GST में भी मिलेगा राहत.. – RGH NEWS
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PM Modi GST Reform: PM Modi का बड़ा ऐलान, दिवाली से सस्ती हो जाएंगी जरूरत के समान, GST में भी मिलेगा राहत..

PM Modi GST Reform आज यानी 15 अगस्त 2025 को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अहम घोषणाएं कीं। जिसका असर देश के करोड़ों युवाओं और आम जनता पर सीधा पड़ेगा। PM मोदी ने युवाओं के लिए ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की है। इसके साथ ही उन्होंने दिवाली तक GST रिफॉर्म्स लाने का ऐलान किया। जिससे रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें सस्ती हो सकती हैं।

 

1 लाख करोड़ की रोजगार योजना

 

लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज मैं आपके लिए खुशखबरी लेकर आया हूं। 15 अगस्त के दिन मेरे देश के युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू कर रहे हैं। इससे साढ़े 3 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिलेगा। इस योजना का मकसद युवाओं को नए रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत सरकार अलग-अलग सेक्टर्स में रोजगार पैदा करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण भी देगी।

 

दिवाली तक बड़ा GST रिफॉर्म

उन्होंने अपने भाषण में पीएम मोदी ने GST को लागू हुए 8 साल पूरे होने पर इसका रिव्यू करने और ‘नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स’ लाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नए बदलाव से टैक्स सिस्टम आसान होगा, टैक्स स्लैब कम किए जाएंगे और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 12% GST स्लैब को खत्म करने या उसमें आने वाले आइटम्स को 5% वाले स्लैब में लाने पर विचार कर रही है। इसका मतलब यह है कि टूथपेस्ट, साबुन, बर्तन, जूते, कपड़े, साइकिल, वाशिंग मशीन जैसी चीजों की कीमत कम हो सकती है।

 

किन आइटम्स पर लगता है 12% GST?

 

किन आइटम्स पर लगता है 12% GST?

वर्तमान में 12% टैक्स स्लैब में रोजमर्रा और घरेलू उपयोग की कई चीजें आती हैं, जैसे –

अगर इन्हें 5% वाले स्लैब में लाया जाता है तो आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी और मिडिल-क्लास एवं लोअर-इनकम फैमिली का खर्च कम होगा।

 

GST से जुड़ी 8 साल की यात्रा

GST यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स, 1 जुलाई 2017 को पूरे देश में लागू किया गया था। इससे पहले केंद्र और राज्य सरकारों के 17 अलग-अलग टैक्स और 13 तरह के उपकर हटाए गए। GST लागू होने के बाद से टैक्स सिस्टम एकीकृत और पारदर्शी बना है।

 

GST के चार मुख्य हिस्से हैं:

 

CGST (केंद्रीय जीएसटी) – केंद्र सरकार द्वारा वसूला जाता है।

SGST (राज्य जीएसटी) – राज्य सरकार द्वारा वसूला जाता है।

IGST (एकीकृत जीएसटी) – अंतरराज्यीय लेनदेन और आयात पर लागू होता है।

उपकर – विशेष वस्तुओं जैसे तंबाकू, लग्जरी आइटम्स पर लगाया जाता है।

5 साल में दोगुना हुआ टैक्स कलेक्शन

GST लागू होने के बाद से सरकार का टैक्स कलेक्शन लगातार बढ़ा है।

 

2020-21 में ग्रॉस GST कलेक्शन 11.37 लाख करोड़ रुपए था।

2024-25 में यह बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपए हो गया।

यानी, 5 साल में टैक्स कलेक्शन लगभग दोगुना हो गया है।

2024-25 में हर महीने औसतन 1.84 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ, जबकि 5 साल पहले यह औसत 95,000 करोड़ रुपए था।

 

टैक्सपेयर्स की संख्या में भी भारी इजाफा

2017 में GST लागू होने के समय 65 लाख टैक्सपेयर्स रजिस्टर्ड थे, जो अब बढ़कर 1.51 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। इससे सरकार का टैक्स बेस मजबूत हुआ है और फिस्कल पोज़िशन बेहतर हुई है।

 

GST कलेक्शन और अर्थव्यवस्था

GST कलेक्शन देश की आर्थिक स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

ज्यादा कलेक्शन का मतलब है कि उपभोक्ता खर्च और औद्योगिक गतिविधियां मजबूत हैं।

यह टैक्स अनुपालन और पारदर्शिता को भी दर्शाता है।

KPMG के नेशनल हेड अभिषेक जैन के मुताबिक, अब तक का सबसे ज्यादा GST कलेक्शन भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमाण है।

 

दिवाली का ‘टैक्स गिफ्ट’

PM Modi GST Reform सरकार 12% स्लैब को खत्म करती है और कई जरूरी सामान 5% स्लैब में लाती है, तो इसका सीधा फायदा मिडिल-क्लास और लोअर-इनकम लोगों को मिलेगा। त्योहार के सीजन में यह राहत खरीदारी को बढ़ावा देगी और मार्केट में रौनक ला देगी

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