NSE ipo: कल से खुल रहा शेयर बाजार का ‘बाहुबली’ NSE IPO, दांव लगाने से पहले जान लें हकीकत

NSE ipo देश के सबसे बड़े और प्रमुख एक्सचेंज यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का आईपीओ कल 17 सितंबर 2026 से पब्लिक के लिए खुल रहा है. आम निवेशकों के लिए शेयर बाजार में सीधी हिस्सेदारी खरीदने का ये एक शानदार मौका हो सकता है. लेकिन बाजार में अपना मेहनत का पैसा लगाने से पहले हर छोटे-बड़े पहलू को बारीकी से समझना बहुत जरूरी होता है. अगर आप भी इस आईपीओ में अपनी किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इसके प्राइस बैंड, लॉट साइज, लिस्टिंग की तारीख से लेकर इससे जुड़े हर जोखिम के बारे में आपके पास पूरी जानकारी होनी चाहिए.
निवेश के लिए जरूरी तारीखें
NSE का आईपीओ 17 सितंबर से खुलकर 21 सितंबर 2026 तक आम पब्लिक की बोली के लिए उपलब्ध रहेगा. इसके बाद 22 सितंबर को लॉटरी सिस्टम के जरिए शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा. जिन खुशनसीब निवेशकों को शेयर मिल जाएंगे, उनके डीमैट खाते में लिस्टिंग से ठीक पहले ये शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे. शेयर बाजार में इसकी आधिकारिक लिस्टिंग 24 सितंबर को तय की गई है. इसके प्राइस बैंड की बात करें तो कंपनी ने प्रति शेयर 1700 से 1785 रुपये का भाव रखा है. एक रिटेल निवेशक को कम से कम 8 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा. अगर आप ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से बोली लगाते हैं, तो आपको कम से कम 14,280 रुपये का निवेश करना ही होगा.
मजबूत दबदबे के बावजूद OFS इश्यू
एनएसई का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत स्थिति में है. कैश मार्केट टर्नओवर में इसकी 92.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इक्विटी फ्यूचर्स में तो ये करीब 99.79 फीसदी पर काबिज है, जो इसे मार्केट का बेताज बादशाह बना देता है. इक्विटी ऑप्शंस प्रीमियम में भी इसका 74.71 फीसदी बड़ा मार्केट शेयर है. कमाई के मामले में भी ये एक्सचेंज लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है. जून 2026 की तिमाही में नेट प्रॉफिट बढ़कर 3,121 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि ये पूरा इश्यू ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के तहत लाया जा रहा है. इसका सीधा मतलब ये है कि आईपीओ के जरिए जो भारी रकम जुटाई जाएगी, वो कंपनी के खाते में नहीं जाएगी. ये सारा पैसा उन मौजूदा शेयरधारकों की जेब में जाएगा जो मुनाफा कमाने के लिए अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं.
खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग नहीं
आम रिटेल निवेशक अपने डिमैट अकाउंट से यूपीआई या मानक एएसबीए (ASBA) प्रोसेस के जरिए इसमें आसानी से अप्लाई कर सकते हैं. एक बेहद दिलचस्प बात ये भी है कि कोई भी स्टॉक एक्सचेंज खुद के प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर लिस्ट नहीं करा सकता है. एनएसई के एमडी आशीष कुमार चौहान ने दिल्ली में एक इवेंट के दौरान खुद इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि नियमों के चलते एनएसई के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट किए जाएंगे. इश्यू भारी ओवरसब्सक्राइब होने पर लॉटरी से अलॉटमेंट होगा. जिन्हें शेयर नहीं मिलेंगे, वे लिस्टिंग वाले दिन के बाद इसे सीधे बीएसई से खरीद सकेंगे.
निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह
NSE ipoबाजार के बड़े जानकारों का मानना है कि सिर्फ शुरुआती लिस्टिंग गेन के लालच में इसमें पैसा लगाना जल्दबाजी हो सकती है. स्टॉकिफाई के सीईओ पीयूष झुनझुनवाला ने निवेशकों को खास सलाह दी है. उनका कहना है कि केवल मजबूत मार्केट शेयर देखकर आंख मूंदकर निवेश का फैसला न लें. किसी भी निवेशक को कंपनी की वैल्यूएशन, मौजूदा रेगुलेटरी माहौल के साथ अपना रिस्क प्रोफाइल भी देखना चाहिए. हालांकि, अगर लिस्टिंग गेन नहीं भी मिलता है, तो लंबी अवधि के लिहाज से ये शेयर आपके पोर्टफोलियो को काफी मजबूती दे सकता है.
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. Rgh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.