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NSE IPO: NSE के IPO को SEBI से मिली मंजूरी, 11 सितंबर को हो सकता है प्राइस बैंड एलान

NSE IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक बड़ा पड़ाव आने वाला है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को बाजार नियामक SEBI ने हरी झंडी दे दी है। SEBI ने 4 सितंबर को NSE को अपना ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया। इसके साथ ही NSE के लंबे समय से इंतजार किए जा रहे शेयर बाजार में लिस्ट होने का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। अब निवेशकों की नजर IPO की तारीख, प्राइस बैंड और लिस्टिंग पर टिकी है।

 

 

NSE ने 17 जून 2026 को SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। इससे पहले भी NSE की लिस्टिंग की प्लानिंग बनी थी, लेकिन नियामकीय कारणों से करीब एक दशक पहले यह प्रक्रिया रुक गई थी। अब SEBI से ऑब्जर्वेशन लेटर मिलने के बाद IPO प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। मार्केट सूत्रों के मुताबिक, NSE इस महीने के अंत तक IPO लाने और BSE पर अपने शेयरों को लिस्ट कराने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, अभी तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बाजार में चर्चा है कि RHP फाइलिंग जल्द हो सकती है, जबकि प्राइस बैंड और IPO खुलने की तारीख को लेकर मर्चेंट बैंकरों के साथ बातचीत चल रही है। 25 सितंबर के आसपास लिस्टिंग की संभावना भी जताई जा रही है।

 

करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है IPO

NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी इसमें NSE नए शेयर जारी नहीं करेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। कुल करीब 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर, यानी NSE की लगभग 6 फीसदी पेड-अप कैपिटल के बराबर हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी जा सकती है। DRHP दाखिल किए जाने के समय के अनलिस्टेड मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर IPO का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये आंका गया है। वहीं, करीब 5 लाख करोड़ रुपये के संभावित वैल्यूएशन पर यह IPO भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। यह 2024 में आए हुंडई मोटर्स इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO को भी पीछे छोड़ सकता है। हालांकि, अंतिम आकार और वैल्यूएशन प्राइस बैंड तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

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SBI समेत ये बड़े निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी

NSE IPO के IPO में कई बड़े मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इनमें SBI ग्रुप सबसे बड़ा शेयर बेचने वाला शेयरधारक है, जो करीब 2.475 करोड़ शेयर ऑफर कर सकता है। इसके अलावा MS स्ट्रैटेजिक (मॉरिशस), CPPIB, अरंडा इन्वेस्टमेंट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया भी अपनी हिस्सेदारी बेचने वालों में शामिल हैं। इसके साथ ही GIC Re, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी समेत कुछ अन्य संस्थागत और व्यक्तिगत शेयरधारक भी OFS में हिस्सा लेंगे।

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