श्रद्धालुओं को बड़ा झटका! चारधाम यात्रा के दौरान अब मंदिरो में नही बना सकेंगे रील्स, मोबाइल फोन ले जाना हुआ बैन

Mobile Bain In Char dham Yatra: उत्तराखंड के पवित्र चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के मंदिर परिसरों में इस साल 2026 से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है. गरहवाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने जिला मजिस्ट्रेटों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि दर्शन के दौरान इन उपकरणों की अनुमति से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं. इसी को मध्य नजर में रखते हुए मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे पूरी तरह प्रतिबन्ध कर दिए गए हैं।
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व्लॉगर्स के लिए बड़ा झटका
कमिश्नर का कहना है कि पिछले यात्रा सीजन में इन चार धामों पर 50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे. इस बार यात्रा को और भी आसान बनाने के प्रयास तेज किए जाएंगे. वहीं, ये खबर उन लोगों के लिए बड़ा झटका है, जो वीडियो और फोटोग्राफी के इरादे से भी चार धाम की यात्रा करने आते हैं. खास तौर से उन सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए जो व्लॉगिंग करने भी तीर्थ स्थल आते हैं. हालांकि इस फैसले से उन श्रद्धालुओं को जरूर राहत मिलेगी, जो लंबी दूरी तय कर ईष्ट देव के दर्शनों के लिए चार धाम पहुंचते हैं. फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के चलते मंदिर परिसर में अन्य श्रद्धालुओं को परेशानीयों का सामना करना पड़ता था।
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कहां ले सकेंगे फोटोग्राफ?
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि चार धाम यात्रा हमारे राज्य का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहां श्रद्धालु श्रद्धा के साथ आते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन और कैमरे जमा कराने होंगे। मंदिर से बाहर निकलने के बाद वे परिसर की पृष्ठभूमि में फोटो और वीडियो ले सकते हैं। इसके अलावा, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को भक्तों के उपकरणों की सुरक्षित देखभाल के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।



