स्वास्थ्य

Norovirus outbreak: कोरोना के बाद अब नोरोवायरस का खतरा, एक ही स्कूल में 100 से ज्यादा बच्चे संक्रमित

Norovirus outbreak चीन के दक्षिणी प्रांत गुआंगडोंग के फोशान शहर में स्थित एक सीनियर हाई स्कूल में नोरोवायरस संक्रमण के मामले सामने आए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, जिंगहुई मिडिल स्कूल के कुल 103 छात्र इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। राहत की बात यह है कि किसी भी छात्र की हालत गंभीर नहीं है और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

 

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छात्रों में दिखे उल्टी-दस्त के लक्षण

पिछले कुछ दिनों से स्कूल के कई छात्रों को उल्टी, दस्त और पेट खराब जैसी शिकायतें होने लगी थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुष्टि हुई कि ये सभी मामले नोरोवायरस संक्रमण से जुड़े हैं। यह वायरस आमतौर पर अचानक होने वाली पेट की बीमारी यानी गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनता है।

 

 

सभी छात्र स्थिर, घबराने की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमित सभी 103 छात्रों की हालत स्थिर है। किसी को भी आईसीयू में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। छात्रों को समय पर इलाज दिया जा रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

 

स्कूल परिसर किया गया सैनिटाइज

स्थिति को काबू में रखने के लिए स्कूल प्रशासन ने पूरे कैंपस को डिसइंफेक्ट और सैनिटाइज कराया है। साथ ही छात्रों की रोजाना स्वास्थ्य जांच और अटेंडेंस मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संक्रमण आगे न फैले।

 

वायरस कैसे फैला, इसकी जांच जारी

स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर एपिडेमियोलॉजिकल सर्वे कर रहे हैं। इस जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि वायरस की शुरुआत कैसे हुई और यह किन कारणों से फैला। खाने-पीने की चीजों, पानी की सप्लाई और साफ-सफाई की व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

 

अक्टूबर से मार्च तक रहता है नोरोवायरस का खतरा

गुआंगडोंग प्रांत के रोग नियंत्रण अधिकारियों ने बताया कि यहां अक्टूबर से मार्च के बीच नोरोवायरस फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इस दौरान स्कूलों, हॉस्टलों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

 

बचाव के लिए क्या करें

Norovirus outbreakस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाथों को साबुन से बार-बार धोना, साफ पानी पीना, बासी या खुला खाना खाने से बचना और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर किसी को उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए

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