देश के किसानो के लिए खुशखबरी, सरकार ने फसल बीमा उत्पादों के लिए सारथी पोर्टल किया पेश

देश के किसानो के लिए खुशखबरी, सरकार ने फसल बीमा उत्पादों के लिए सारथी पोर्टल किया पेश। सरकार की तरफ से देश के किसानों के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. अब हालही में कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने ‘सारथी’ पोर्टल लॉन्च कर दिया है. सरकारी योजनाओं को फायदा लेने वाले किसानों की समस्या को देखते हुए यह पहल शुरू की गई है. इसमें PMFBY, संशोधित ब्याज सहायता योजना (MIIS) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के बारे में जानकारी मिलेगी. कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने इन पहलों की शुरुआत के बाद कहा है कि हमारा मंत्रालय भारत को एक विकसित भारत में बदलने के लिए मिलकर काम कर रहा है. हम डिजिटल तकनीक को अपनाकर समय के साथ आगे बढ़ रहे हैं. इन सभी नई पहलों से निश्चित रूप से किसानों को लाभ होगा.
सारथी पोर्टल का उद्देश्य
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने हालही में ‘सारथी’ पोर्टल लॉन्च कर दिया है. इस सारथी पोर्टल का उद्देश्य फसल बीमा योजना जैसी कई योजनाओं को एक फ्रेमवर्क प्रदान करना है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत होने वाली परेशानियों और शिकायतों को दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है. अब किसान अपनी शिकायतों को हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं. इसका हेल्पलाइन नंबर 14447 है.
देश के किसानो के लिए खुशखबरी, सरकार ने फसल बीमा उत्पादों के लिए सारथी पोर्टल किया पेश
किसानों को एक और तोहफा
PMFBY के संयुक्त सचिव और सीईओ रितेश चौहान ने पोर्टल ‘सारथी’ की जानकारी देते हुए कहा कि यह किसानों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाते हुए एक डिजिटल बीमा यात्रा की पेशकश करेगा. यह पोर्टल बीमा उत्पादों को देखने, खरीदने और उनका लाभ उठाने के लिए सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म होगा. प्लेटफ़ॉर्म में डिजिटल पेमेंट ऑप्शन और प्रीमियम कलेक्शन, क्लेम, ट्रैकिंग और समाधान के अलावा अंशधारकों के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस होंगे. चौहान ने कहा कि पहले चरण में व्यक्तिगत दुर्घटना और अस्पताल नकद पॉलिसी, दूसरे चरण में स्वास्थ्य, दुकान एवं घर का बीमा और तीसरे चरण में ट्रैक्टर, दोपहिया वाहन, पशुधन और गैर-पीएमएफबीवाई बीमा उत्पाद शामिल होंगे.
बीमा संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं किसान
चौहान ने कहा कि किसान पोर्टल पर या हेल्पलाइन के माध्यम से बीमा संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं जिन्हें निपटान के लिए बीमा कंपनियों को भेज दिया जाएगा. किसानों की शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र मध्यस्थ होगा. ‘कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन’ इसके लिए सुविधा प्रदाता के रूप में काम करेगी जो बीमित किसान और बीमा कंपनियों, बैंकरों, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) और सरकारों के बीच फासले को कम करेगी.



