High Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल में नहीं खानी चाहिए ये चीजें, शरीर में बढ़ सकता है प्लाक

High Cholesterol: शरीर में गंदा कॉलेस्ट्रोल बढ़ने लगता है तो इसे हाई कॉलेस्ट्रोल की दिक्कत कहते हैं. हाई कॉलेस्ट्रोल को कंट्रोल करना और कम करना जरूरी होता है क्योंकि कॉलेस्ट्रोल बढ़कर रक्त धमनियों में जमने लगता है और रक्त के प्रवाह को बाधित करता है जिससे शरीर अलग-अलग दिक्कतों की चपेट में आने लगता है. कई बार दिक्कतें गंभीर होती हैं और हार्ट अटैक या स्ट्रोक की नौबत भी आ सकती है. ऐसे में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार, खानपान की कुछ ऐसी चीजें हैं जो हाई कॉलेस्ट्रोल से परेशान लोगों को बिल्कुल नहीं खानी चाहिए.
कॉलेस्ट्रोल बढ़ा सकता है लाल मीट
लाल मीट में सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा ज्यादा होती है. इसे बिल्कुल छोड़ देने के बजाय इसे खाने की मात्रा कम की जा सकती है. लाल मीट को कम खाया जाए तो कॉलेस्ट्रोल की मात्रा कम हो सकती है. लाल मीट के बजाय स्किनलेस चिकन या फिश वगैरह खाई जा सकती है.
फ्राइड फूड्स
तली हुई चीजें कॉलेस्ट्रोल लेवल्स को कई हद तक बढ़ा देते हैं. खाने की चीजों को फ्राई कर दिया जाए तो इससे एनर्जी डेंसिटी और कैलोरी काउंट बढ़ जाते हैं. ऐसे में फूड्स तलने के बजाय आप उन्हें एयर फ्राई करके खा सकते हैं या अन्य हेल्दी कुकिंग ऑप्शंस चुन सकते हैं.
प्रोसेस्ड मीट
प्रोस्सेड मीट कॉलेस्ट्रोल और सैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होते हैं. इनमें लाल मीट से कम कॉलेस्ट्रोल होता है लेकिन ये पूरी तरह कॉलेस्ट्रोल फ्री नहीं होते हैं.
बेक्ड फूड्स
कुकीज, केक्स और पेस्ट्री को बनाने में मक्खन और फैट्स का ज्यादा इस्तेमाल होता है जिससे ये हाई कॉलेस्ट्रोल वाले फूड्स बन जाते हैं. ऐसे में फूड्स बेक करने के लिए मक्खन की जगह पर केले या किसी और कम फैट वाले सब्टिट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है.
क्या खाने पर कम होता है हाई कॉलेस्ट्रोल
खानपान की कुछ चीजें हाई कॉलेस्ट्रोल को कम करने में मदद करती हैं, जैसे – ओट्स, भिंडी, सूखे मेवे, जौ, सोया, वेजीटेबल ऑयल, फैटी फिश, स्टेरॉल्स और स्टेनॉल्स से फोर्टिफाइड फूड्स, सेब, अंगूर, स्ट्रॉबेरीज और फाइबर सप्लीमेंट्स.
कॉलेस्ट्रोल में डाइट की भूमिका
High Cholesterolडाइट यानी खानपान शरीर को सीधेतौर पर प्रभावित करता है. व्यक्ति अगर पहले से बढ़ते कॉलेस्ट्रोल से परेशान है तो खानपान में बदलाव करके कॉलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है. इससे दिल की दिक्कतों का खतरा भी कम होता है. यह भी पढ़ें – क्या मल में खून आना पेट के कैंसर का लक्षण है? जानिए स्टूल ब्लीडिंग Cancer का संकेत है या नहीं अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.



