Health Tips: कब्ज की परेशानी से तुरंत पाना चाहते है छुटकारा तो इन चार चीजों को डाइट में जरूर करें शामिल

Health Tips: क्या आपको भी कब्ज की दिक्क़ते होने लगती है, जब पेट साफ़ न होने की आदत दिनचर्या की ज़िंदगी में असर दिखाने लगे। कभी-कभार पाचन धीमा होना सामान्य है, लेकिन यदि बॉवेल मूवमेंट लगातार अनियमित या अधूरा रहे, तो यह साफ़ संकेत है कि आपकी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव की ज़रूरत है। दिनचर्या में सेवन की जाने वाली कुछ आम चीज़ें नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करती हैं और पाचन को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, ऐसे ही चार फूड्स बताए हैं, जो कब्ज से आराम दिलाने और बॉवेल मूवमेंट को रेगुलर करने में सहायता कर सकते हैं।
कब्ज से छुटकारा पाने के लिए इन चीजों का करें सेवन
- काले आलूबुखारे: रात भर भिगोए हुए चार से पांच काले आलूबुखारे कब्ज में बेहद लाभदायक हैं। इनमें सॉर्बिटोल होता है, जो एक नेचुरल कंपाउंड है जो लैक्सेटिव के रूप में काम करता है और बॉवेल मूवमेंट में सहयोग करता है।
- सब्जियां: रोज़ाना कम से कम दो से तीन सर्विंग सब्जियां खाएं। सब्जियों में उपस्थित फाइबर बॉवेल मूवमेंट को स्टिमुलेट करने में सहयोग प्रदान करता है। सब्जियों में मौजूद उच्च फाइबर (घुलनशील और अघुलनशील) मल को नरम बनाता है और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज कर कब्ज से आराम दिलाता है।

- ब्लैक कॉफी: न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, ब्लैक कॉफी कैफीन और अन्य यौगिकों के माध्यम से कोलन (बड़ी आंत) की मांसपेशियों में सिकुड़न को स्टिमुलेट करती है। यह गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स को सक्रिय करके मल को मलाशय की ओर धकेलती है, जिससे सुबह के समय पेट साफ करने और कब्ज से आराम दिलाने में सहयोग करती है।
- ड्रैगन फ्रूट या हरा कीवी: यदि आप ड्रैगन फ्रूट और हरे कीवी दोनों में फाइबर और पानी भरपूर मात्रा में होता है, जो मल में बल्क जोड़ते हैं और रेगुलर बॉवेल मूवमेंट को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे कब्ज में काफी राहत मिलता है। ड्रैगन फ्रूट या हरा कीवी क्योंकि दोनों में फाइबर बहुत ज़्यादा होता है। इसमें बहुत ज़्यादा हाइड्रेशन और पानी भी होता है जो असल में भारी मल बना सकता है और इस तरह कब्ज को ठीक कर सकता है।

यदि ऊपर बताए गए प्राकृतिक नुस्खा से कब्ज़ में आराम नहीं मिलता है, तो यह कुछ अंदरूनी समस्याओं का संकेत हो सकता है, जैसे मिनरल की कमी या थायराइड से जुड़ी दिक्कतें, जिनके लिए मेडिकल सहायता की ज़रूरत होती है।



