H3N2 ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, अस्पतालों को अलर्ट रहने के आदेश…

H3N2 Treatment: एच3एन2 (H3N2) ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इस बीच, एच3एन2 को लेकर नीति आयोग (Niti Aayog) ने बैठक भी की और अब केंद्र सरकार की तरफ से पत्र लिखकर राज्यों को निर्देश भी जारी किए गए हैं. बताया गया है कि किन लोगों को एच3एन2 से ज्यादा खतरा है? किन लोगों को स्थिति एच3एन2 के कारण गंभीर हो सकती है? एच3एन2 के लक्षण दिखने पर किन लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने चेतावनी दी है कि देशभर में इन्फ्लुएंजा (Influenza) जैसी बीमारियों और गंभीर सांस संबंधी बीमारियों की प्रवृत्ति बढ़ती देखी जा रही है. इससे सावधान रहने की जरूरत है.
H3N2 से बढ़ी चिंता!
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि तमाम लैब में किए जा रहे नमूनों के विश्लेषण में इन्फ्लुएंजा ए (H3N2) की अधिकता का पता चलना खासतौर से चिंता का विषय है. उन्होंने ये भी कहा कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे और कई बीमारियों से एक साथ पीड़ित लोग विशेष रूप से रिस्क में हैं. ये लोग एचआईएन1 (HIN1), एच3एन2 (H3N2), एडेनोवायरस (Adenovirus) आदि के प्रति अधिक संवेदनशील हैं.
सावधान रहने की जरूरत
राज्यों को लिखे लेटर में कहा गया कि पिछले कुछ महीनों में कोरोना वायरस के मामलों में काफी कमी आई है. लेकिन कुछ राज्यों में कोविड टेस्ट में दिख रहे पॉजिटिविटी रेट में धीरे-धीरे बढ़ोतरी एक चिंताजनक मुद्दा है. इसको लेकर सचेत रहने और तुरंत कदम उठाने की जरूरत है.
इस रणनीति पर करना होगा काम
ये भी कहा गया कि वैक्सिनेशन कवरेज बड़े पैमाने पर होने के बावजूद, अभी भी सावधान रहने और 4टी यानी टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण की रणनीति पर ध्यान देने और कोविड-19 की गाइडलाइंस के पालन पर ध्यान देने की जरूरत है.
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किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
H3N2 Treatmentसचिव राजेश भूषण ने आगे कहा कि बुजुर्ग, मोटापे से पीड़ित लोग और एक से अधिक बीमारी से पीड़ित और गर्भवती महिलाओं के H3N2 और एडेनोवायरस आदि से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. दिक्कत बढ़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है.