Chhattisgarh news: छत्तीसगढ़ में आज 29 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दो लाख का इनामी भी शामिल..

Chhattisgarh news छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नए साल की शुरुआत से ही लाल आतंक के खिलाफ जारी जंग में सुरक्षाबलों को लगातार बड़ी सफलता मिल रही है।( Sukma Naxal News ) दंतेवाड़ा में एक साथ 63 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद, जिन पर कुल एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था, आज सुकमा जिले में केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय 29 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। सभी ने जिले के एसपी (SP Kiran Chavan Sukma) किरण चवण के सामने आत्मसमर्पण किया।
9 जनवरी को 63 इनामी नक्सलियों ने किया था सरेंडर
आपको बता दें कि 9 जनवरी को 63 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर हथियार छोड़ दिए थे। इन सभी पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 19 लाख रुपये का इनाम घोषित था। (9 January Naxal Surrender) आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया। 9 जनवरी को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली DVCM और ACM रैंक के थे, जिनमें 18 महिला नक्सली भी शामिल थीं।
7 जनवरी को 7 महिलाएं समेत 26 खूंखार नक्सलियों का सरेंडर
सुकमा जिले में 7 जनवरी को एक साथ 7 महिला नक्सलियों समेत कुल 26 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। इन सभी नक्सलियों पर कुल मिलाकर 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये लंबे समय से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में थे। इन नक्सलियों में माड़ डिविजन और PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय लोग शामिल थे। (Naxal Free Chhattisgarh Mission 2026 )ये नक्सली सुकमा, ओडिशा और माड़ क्षेत्र में हुई कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।
3 जनवरी को बारसे देवा ने किया था सरेंडर
आपको बता दें की, शीर्ष नक्सली हिड़मा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने , 3 दिसंबर को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सल संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद बारसे देवा को पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था।
2026 नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
Chhattisgarh newsआपको बता दें कि केंद्र सरकार देशभर से नक्सलियों को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। नक्सली या तो सरेंडर कर रहे हैं, और जो समर्पण नहीं कर रहे हैं तथा अभी भी हथियार उठाए हुए हैं, वे सुरक्षाबलों के हाथों एनकाउंटर में ढेर हो रहे हैं। (Amit Shah Naxal Goal 2026 )केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा है



