Chhatisgarh Latest News: छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री “कवासी लखमा” को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, शराब घोटाला मामले में हुए थे गिरफ्तार!

Chhatisgarh Latest News: शराब घोटाले की गड़बड़ी को लेकरआरोपी छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई दे दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने लखमा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई की। पूर्व मंत्री के वकील फैसल रिज़वी ने अपने कथन मे कहा कि लखमा को EOW-ACB और ED दोनों के दायर मामलों में रिहाई दी गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट में कितने घंटे हुयी सुनवाई
लखमा कुछ ही दिनों में जेल से बाहर आ जाएंगे। क्योंकि उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करना होगा और अपना उपस्थित पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस स्टेशन में रजिस्टर कराना होगा। वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने सुप्रीम कोर्ट में कवासी लखमा की और से केस लड़ा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार यानि आज लगभग ढाई घंटे तक इस केस की सुनवाई की।
ED ने 15 जनवरी, 2025 को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। उनसे सात दिन तक रिमांड पर पूछताछ की गई। फिर उन्हें 21 जनवरी से 4 फरवरी तक ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया। तब से कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। आपको बता दें कि दो महीने पहले कांग्रेस पार्टी ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।
जानिए आखिर क्यों? हुई लखमा की गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, ED का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और मौजूदा MLA कवासी लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे। सिंडिकेट लखमा के इशारे पर चलता था। उन्होंने शराब सिंडिकेट को सहायता दी। शराब पॉलिसी बदलने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कवासी लखमा के कहने पर ही छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस शुरू किया गया था। ED का यह भी दावा है कि लखमा को एक्साइज डिपार्टमेंट में हो रही घपला के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने उन्हें रोकने के लिए कुछ भी प्रयास नहीं किया।



