CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

CG Weather Today छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश दर्ज की गई है।
इसी बीच मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
अगले 5 दिन बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मेघगर्जन के साथ वज्रपात, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। 13 जून से 17 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मानसून की एंट्री के लिए अनुकूल हालात
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून के पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।
तापमान में आई गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में दर्ज हुआ। रायपुर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया
रायपुर में भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अगले 24 घंटों के दौरान आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। शहर में गरज-चमक, बारिश और अंधड़ की स्थिति बन सकती है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
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लोगों को सतर्क रहने की सलाह
CG Weather Todayमौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। वज्रपात के समय घर के अंदर रहने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करने की अपील की गई है। किसानों को भी खेतों में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।


