CG Bijli eKYC: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 सितंबर से E-KYC कराना जरूरी, घर बैठे भी कर सकते हैं ये काम

CG Bijli eKYC: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बिजली उपभोक्ताओं (Electricity Consumers) के लिए जरूरी खबर है। बिजली कनेक्शन के लिए अब ई-केवाईसी (e-KYC Mandatory) जरूरी हो गई है। जिसकी प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने जा रही है। इसमें सिर्फ घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल समेत बिजली कनेक्शन की सभी श्रेणियों को शामिल किया गया है।
1 सितंबर से शुरू होगी ई-केवाईसी की प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 1 सितंबर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके दौरान बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी और उपभोक्ता की पहचान का आधार कार्ड के जरिए सत्यापन किया जाएगा। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि बिजली कंपनी के रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दर्ज नाम एक जैसा हो। आधार और बिजली रिकॉर्ड में नाम अलग हुआ तो अटकेगी ई-केवाईसी
बिजली कंपनी के अनुसार, ई-केवाईसी तभी सफल होगी जब आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज नाम का पूरा मिलान होगा। नाम की स्पेलिंग, पूरा नाम या उपनाम अलग होने पर भी प्रमाणीकरण में परेशानी आ सकती है। इसके साथ ही अगर दोनों दस्तावेजों में नाम अलग है तो उपभोक्ता को पहले बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में नाम ठीक करवाना होगा। इसके लिए संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर नाम में सुधार या जरूरत पड़ने पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही ई-केवाईसी कराई जा सकेगी।
घर बैठे कर ऐसे करें ई-केवाईसी
उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए हर बार बिजली कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। आप मोर बिजली एप के जरिए घर बैठे आधार प्रमाणीकरण कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी आने पर उपभोक्ता अपने संबंधित वितरण केंद्र या फिर जोन कार्यालय पहुंचकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। कार्यालयों में अधिकृत कर्मचारी प्रकाश एप के ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से सत्यापन करेंगे। इसके अलावा मीटर रीडरों को भी उपभोक्ताओं से संपर्क कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
ई-केवाईसी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ई-केवाईसी शुरू कराने से पहले उपभोक्ताओं को अपने बिजली कनेक्शन के दस्तावेज में दर्ज नाम और आधार कार्ड पर लिखे नाम की जांच कर लेनी चाहिए। दोनों जगह नाम समान होने पर ही आधार प्रमाणीकरण आसानी से पूरा होगा। अगर नाम में किसी तरह की गलती या अंतर है, तो पहले बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में सुधार कराएं और उसके बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करें।
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ई-केवाईसी के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क
CG Bijli eKYCजानकारी के लिए आपको बता दें कि बिजली कंपनी ने साफ किया है कि ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए अगर कोई कर्मचारी, मीटर रीडर या अन्य व्यक्ति ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगता है तो उसे भुगतान करने की जरूरत नहीं है।