CBSE New Syllabus 2026-27: CBSE का बड़ा फैसला: 9 वीं और 10 वीं क्लास में‌ AI एवं कंप्यूटेशनल थिंकिंग सब्जेक्ट अनिवार्य – RGH NEWS
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CBSE New Syllabus 2026-27: CBSE का बड़ा फैसला: 9 वीं और 10 वीं क्लास में‌ AI एवं कंप्यूटेशनल थिंकिंग सब्जेक्ट अनिवार्य

CBSE New Syllabus 2026-27 देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी खबर आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नया पाठ्यक्रम लागू करने का ऐलान किया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के तहत किया जा रहा है।

 

 

यह सिर्फ सिलेबस बदलने की बात नहीं है, बल्कि शिक्षा के तरीके को पूरी तरह आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की कोशिश है।

 

अब AI पढ़ना होगा जरूरी

छात्रों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब 9वीं और 10वीं कक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग अनिवार्य विषय होंगे। बताया जा रहा है कि, शुरुआत में इसे मॉड्यूल और इंटरनल असेसमेंट के रूप में पढ़ाया जाएगा, लेकिन 2029 से 10वीं बोर्ड में इसका पेपर भी होगा। इसका मतलब है कि अब बच्चे सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि AI कैसे काम करता है और उसका सही उपयोग कैसे किया जाए।

 

छठी से लागू होगा तीन-भाषा फॉर्मूला

नए नियमों के मुताबिक, 2026-27 से कक्षा 6 में तीसरी भाषा अनिवार्य होगी। तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। कक्षा 9 तक आते-आते तीसरी भाषा अनिवार्य नहीं रहेगी। विदेश से लौटे छात्रों को विशेष परिस्थितियों में छूट मिल सकती है।

 

 

बता दें कि, भाषाओं को R1, R2 और R3 स्तर में बांटा जाएगा, ताकि बच्चों की भाषा समझ बेहतर तरीके से विकसित हो सके।

 

मैथ्स और साइंस में दो-स्तरीय परीक्षा

अब 9वीं से गणित और विज्ञान को लेकर भी बड़ा बदलाव होगा। सभी छात्रों के लिए 80 अंकों का स्टैंडर्ड पेपर अनिवार्य किया गया है। जो छात्र चाहें, वे 25 अंकों का एडवांस पेपर भी दे सकते हैं। एडवांस पेपर के अंक कुल प्रतिशत में नहीं जुड़ेंगे, लेकिन मार्कशीट में अलग से दिखेंगे। इससे छात्रों को अपनी क्षमता के अनुसार खुद को चुनौती देने का मौका मिलेगा, बिना किसी दबाव के।

 

पढ़ाई के साथ अब कला और स्किल भी जरूरी

CBSE ने 9वीं-10वीं के लिए कुछ नई अनिवार्य गतिविधियां भी जोड़ी हैं। जिसमें कला शिक्षा (Art Education), व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Skills) और शारीरिक शिक्षा (Physical Education) शामिल है। अभी इनका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा, लेकिन 2027-28 से व्यावसायिक शिक्षा की परीक्षा भी शुरू होगी।

 

 

सोशल साइंस का नया अंदाज़

सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई भी अब ज्यादा प्रैक्टिकल होगी। नई किताबों में इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थशास्त्र को जोड़कर पढ़ाया जाएगा, इसमें केस स्टडी, मैप वर्क और डेटा एनालिसिस पर ज्यादा फोकस रहेगा।

 

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को स्कूल स्तर पर लाना एक बड़ा और जरूरी कदम है। इससे बच्चे सिर्फ रटने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि तर्क, समस्या समाधान और टेक्नोलॉजी की समझ भी विकसित करेंगे।

 

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क्यों है यह बदलाव खास?

CBSE New Syllabus 2026-27यह नया पाठ्यक्रम बच्चों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रियल वर्ल्ड के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब पढ़ाई का मतलब सिर्फ अच्छे नंबर लाना नहीं, बल्कि नई सोच, नई स्किल और भविष्य की तैयारी भी होगा।

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