छत्तीसगढ़ न्यूज़ (समाचार)

Bilaspur news: बिलासपुर में गणेश-उत्सव में आम रास्तों पर नहीं बनेंगे पंडाल: सड़क पर पंडाल और DJ बजाने पर होगी करवाई

Bilaspur news बिलासपुर में इस बार गणेशोत्सव के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित करने वाले तरीके से सड़क पर पंडाल नहीं लगाए जा सकेंगे। ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे और साउंड सिस्टम को लेकर भी पुलिस ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। समितियों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित डेसिबल और समय सीमा में ही साउंड सिस्टम चलाने को कहा गया है। डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

 

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में शहर की गणेशोत्सव समितियों की बैठक हुई। इसमें 100 से अधिक समिति प्रतिनिधि शामिल हुए। पुलिस ने सभी समितियों को गणेशोत्सव शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने की हिदायत दी।

 

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ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस लगातार समितियों के साथ बैठक कर रही है। 7 सितंबर को सीपत थाना क्षेत्र में गणेशोत्सव समितियों के साथ सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें पुलिस ने पंडाल लगाने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए

 

आयोजन से पहले लेनी होगी अनुमति

 

Bilaspur newsपुलिस ने समितियों को निर्देश दिए हैं कि गणेशोत्सव आयोजन से पहले जिला प्रशासन से अनिवार्य रूप से अनुमति लें। अनुमति में तय शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। पंडाल आम रास्तों या व्यस्त मार्गों पर इस तरह नहीं लगाए जाएं, जिससे यातायात प्रभावित हो। सड़क बाधित कर आयोजन करने या शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

 

पंडाल में बिजली कनेक्शन की भी होगी जांच

 

पंडाल में वैध तरीके से बिजली कनेक्शन लेने के साथ वायरिंग और विद्युत व्यवस्था की अच्छी तरह जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने कहा कि करंट से किसी तरह की जनहानि न हो, इसके लिए समितियां सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम करें। पंडाल में ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखने और जरूरत के अनुसार अग्नि सुरक्षा के इंतजाम करने को भी कहा गया है।

 

डीजे पर पूरी तरह रोक, साउंड सिस्टम के लिए नियम जरूरी

 

Bilaspur news विस्तारक यंत्रों को लेकर समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित डेसिबल और तय समय सीमा में ही साउंड सिस्टम चलाया जा सकेगा। डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित समिति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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