अस्पताल की अव्यवस्था ने ली वरिष्ठ पत्रकार की जान, प्रेस क्लब ने की 1 करोड़ मुआवजा राशि की मांग वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय शशिकांत शर्मा को प्रेस क्लब ने दी नम आंखों से श्रद्धांजलि

RGH NEWS प्रशांत तिवारी रायगढ़। जिले के वरिष्ठ पत्रकार शशिकांत शर्मा के आकस्मिक निधन से प्रेस बिरादरी को काफी धक्का लगा है। हंसमुख स्वभाव के धनी पत्रकार शर्मा के एकाएक निधन से पूरा प्रेस जगत शोकाकुल है। रविवार को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रेस क्लब रायगढ़ द्वारा संक्षिप्त शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें पत्रकार स्वर्गीय शर्मा के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद प्रेस क्लब के संरक्षक रोशनलाल अग्रवाल, प्रेस क्लब के पूर्व सचिव दिनेश मिश्रा, अनिल रतेरिया, प्रेस क्लब अध्यक्ष हेमंत थवाईत व सचिव नवीन शर्मा ने पत्रकार स्वर्गीय शशिकांत शर्मा द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके कार्यों और उनसे जुड़े संस्मरणों को याद किया। इस दौरान सभी पत्रकारों की आंखे नम थीं। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि पत्रकार शशिकांत शर्मा की तबीयत कुछ दिनों से नासाज थी, उनके परिजनों द्वारा स्वास्थ्य टीम और अधिकारियों से संपर्क साधा गया लेकिन कोरोना संक्रमण के इस काल में जांच और इलाज में देरी की। स्वर्गीय शर्मा के पुत्र नवरतन शर्मा ने मोबाइल के जरिए प्रेस क्लब के साथियों को जानकारी दी कि उनके पिता के इलाज में पूरी तहर से लापरवाही बरती गई, जिस वजह से हॉस्पिटल ले जाने के कुछ घंटे के बाद ही उनकी मौत हो गई। नवरतन ने बताया कि हॉस्पिटल ले जाने के बाद मेरे पिता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद उनके इलाज को लेकर के अस्पताल प्रबंधन ने उदासीनता इस कदर दिखाई दी कि इलाज के लिए मेडिकल टीम ने उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया जो कि सिर्फ एक नर्स के भरोसे था। रुंधे स्वर में नवरतन शर्मा ने कहा कि जो मेरे पिता के साथ हुआ वो आम लोगों के साथ ना हो।
इस पर सभी पत्रकार साथियों से मिली प्रतिक्रिया के बाद प्रेस कलब ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पत्रकार साथी स्वर्गीय शर्मा के इलाज में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने घोर लापरवाही बरती है जो कि निंदनीय के साथ अक्षम्य है। सर्वसम्मति से निर्णय से लिया गया कि जिस तरह से पत्रकार स्वर्गीय शर्मा का निधन हुआ है अब ऐसा किसी के साथ भी नहीं होना चाहिए। अपने सबसे सक्रिय साथी को खोने बाद से पूरा प्रेस जगत आक्रोशित है औऱ इसके लिए जिला प्रशासन को प्रेस क्लब ज्ञापन सौपेंगा। प्रेस क्लब ने यह भी निर्णय लिया है कि शासन-प्रशासन स्वर्गीय शशिकांत शर्मा के परिवार को तत्कालिक राहत देते हुए 1 करोड़ मुआवजा राशि प्रदान करे। इस शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार अनिल पाण्डेय, अनिल रतेरिया, नवनीत जगतरामका, रोशनलाल अग्रवाल, दिनेश मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष हेमंत थवाईत, सचिव नवीन शर्मा, नरेश शर्मा, आनंद शर्मा,स्वतंत्र महंत, राजेश जैन, महेश शर्मा, नंदकुमार पटेल, पुनीराम रजक, संजय बोहिदार,अमित शर्मा, अनिल गर्ग, मोहसिन खान, सुशील पाण्डेय, भूपेंद्र सिंह, शेषचरण गुप्ता प्रशांत तिवारी , जितेंद्र कुमार मेहर, शमशाद अहमद, दुर्गा प्रसाद बंजारा समेत सभी प्रेस क्लब के साथी मौजूद थे।
मेडिकल व्यवस्था को लेकर नाराजगी
कोरोना आपदा को रोकने के लिए प्रेस क्लब, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ बीते 5 महीने से कदम से कदम मिलाकर काम कर रही है। लेकिन जिस तरह से सीनियर पत्रकार शशिकांत शर्मा के इलाज में कोताही बरती गई और मेडिकल कॉलेज द्वारा अन्य कोरोना मरीजों के साथ व्यवहार किया जा रहा है, उसकी प्रेस क्लब ने कड़े शब्दों में निंदा की है। वरिष्ठ पत्रकारों का कहना था कि केजीएच को मेडिकल कॉलेज द्वारा लिये जाने के बाद से ही मेडिकल कॉलेज और उसका प्रबंधन मनमाना हो गया। मेडिकल कॉलेज के डीन का रवैय्या भी लोगों के लिए उदासीन है।



