रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

Raigarh News: मौत के खदान में समाई कार, पति और सास-ससुर समेत महिला सरपंच की पानी में डूबने से गई जान

Raigarh News: रायगढ़, 31 दिसंबर। ओडिशा के भठली स्थित श्याम मन्दिर का दर्शन कर घर वापसी के दौरान टिमरलगा के पानी से भरी खाई रूपी खदान में कार गिरने से एक ही परिवार के 5 सदस्य डूब गए। इस हादसे में टिमरलगा कि महिला सरपंच के साथ उसके पति और सास-ससुर की डूबने से मौत हो गई। वहीं, जलमग्न कार से किसी तरह निकली बेटी ने तैरकर अपनी जान बचाई। खदान के पानी में रातभर डूबी कार में फंसी लाशों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद लेनी पड़ी। यह हादसा नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का है। रांत के अंधेरे में एक ही परिवार के 4 लोगों के भीषण हादसे में जिंदगी खत्म होने की घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है।

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मुख्यालय से तकरीबन 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत टिमरलगा में एक भीषण दुर्घटना से क्षेत्रवासी दहशत में हैं। दरअसल, टिमरलगा कि सरपंच श्रीमती मीनू पटेल अपने पति महेंद्र पटेल, सास श्रीमती पार्वती पटेल, ससुर फूलसिंह पटेल तथा 15 बरस की इकलौती बेटी कु.रोशनी के साथ गुरुवार को सीमावर्ती प्रान्त ओडिशा के भठली स्थित श्याम मन्दिर जाने की योजना बनाई। चूंकि, महेंद्र के पास पुरानी गाड़ी थी, इसलिए उसने अपने दोस्त रोहित पटेल की सफेद रंग की किया सेलटास कार (क्रमांक-सीजी 13 एएस 6704) ली और उसी गाड़ी में पटेल परिवार खुशनुमा माहौल में मन्दिर दर्शन के लिए ओडिशा जाने निकले।
भठली के श्याम मन्दिर में पूजा-अर्चना के बाद रात में पटेल परिवार ने घरवापसी के दौरान एक ढाबे में रुककर खाना खाया, फिर टिमरलगा के लिए रवाना हुए। इस बीच महेंद्र पटेल और उसके पिता फूलसिंह खाना नहीं पचा सके तो पेट में ऐंठन होने पर दोनों ने रास्ते में एक नहीं, बल्कि दो मर्तबे गाड़ी रोककर शौच के लिए भी गए। ऐसे हालात में महेंद्र कैदी तरह अपने परिवार को लेकर जब टिमरलगा के समीप खदान से देर रात लगभग साढ़े 11 बजे कार ड्राइव करते हुए आगे बढ़ रहा था तभी पेट में अचानक फिर ऐंठन होने पर वह लबालब पानी से भरे जगह को देख वहीं रुक गया। परिजनों ने घर जाकर टॉयलेट जाने की बात भी कही, मगर महेंद्र ने कहा कि उसे शौच से निवृत्त होना जरूरी है।
टॉयलेट जाने के इरादे से महेंद्र सड़क किनारे खदान में कार को ले जाकर उसे खड़ी कर ही रहा था कि फर्स्ट गेयर के चक्कर में गलती से बैक गेयर लगते ही कार पीछे होते हुए खदान के पानी से भरी खाई में जा गिरी। जिस समय यह हादसा हुआ, घटना स्थल के आसपास कोई भी मौजूद नहीं था इसलिए किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। देर रात कार सवार पटेल परिवार के 5 सदस्य गहरे पानी में डूबने लगे थे, लेकिन जानकारी के अभाव में कोई भी उनको बचा नहीं सका। इस तरह पानी में कार समाने की मनहूस घटना ने पटेल फैमिली की हंसती-खेलती जिंदगी को ही निगल लिया।

*जलमग्न कार की खिड़की से बाहर निकली रोशनी*
दोस्त की कार के गेयर को आगे की बजाए गलती से पीछे करने की जरा सी चूक से यह घटना हुई। पटेल परिवार को लेकर कार जब पानी में गिरी तो रोशनी ने हिम्मत हारने की बजाए सूझबूझ से काम लिया और कार की शीशे लगी खिड़की को किसी तरह खोलकर तैरती हुई बाहर निकल गई। फिर, बहादुर रोशनी साहस कर पानी में दुबारा कूदी और कार के अंदर फंसे अपने दादा यानी फूलसिंह को खींचकर ऊपर ले गई। कार से बाहर निकलने के बाद ऊपर खींचने के दौरान फूलसिंह का हाथ रोशनी से छूट गया और बुजुर्ग जलमग्न ही रह गया।

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*बदहवास रोशनी ने पेट्रोल पंप कर्मी से मांगी मदद*
तमाम कोशिशों के बावजूद अपने दादाजी को ऊपर लाने में नाकामयाबी हाथ लगने के बाद बदहवास रोशनी किसी तरह घटना स्थल से निकली और नजदीकी पेट्रोल पंप में जाकर घटना की जानकारी देते हुए सहायता की गुहार लगाई। ऐसे में पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने मौके की नजाकत को भांप पुलिस को घटना की सूचना दी। लगभग सवा 12 बजे पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा और एडिशनल एसपी महेश्वर नाग को इसकी भनक लगी तो वे सारंगढ़ थाना प्रभारी विजय चौधरी तथा मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अफसरों ने घटना स्थल का जायजा लिया, मगर देर रात वहां काफी अंधेरा होने के कारण चाहकर भी रेस्क्यू नहीं किया जा सका।

*मौके पर रातभर डटे रहे एसपी कुकरेजा*
गुरुवार देर रात घटना हुई, मगर प्रशासनिक अफसरों ने रातभर मौके पर डटे रहते हुए अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाई। खदान के किनारे एसपी राजेश कुकरेजा और एसीपी महेश्वर नाग के साथ सारंगढ़ थाना प्रभारी विजय चौधरी अपनी टीम के साथ सर्द रात में भी मुस्तैद रहे। वहीं, एसडीओपी स्नेहिल साहू भी डटी रहीं। शुक्रवार सुबह जब सूरज निकला तो पुलिस कप्तान ने होमगार्ड और गोताखोरों को बुलाकर रेस्क्यू शुरू कराया। तैराकों ने बोट की मदद से बचाव कार्य मे अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दी, फिर भी वे जलमग्न कार में फंसे पटेल परिवार के सदस्यों तक नहीं पहुंच सके।

*बुजुर्ग की लाश मिली तैरती तो 3 शव फंसे थे कार में*
बोट में सवार तैराक घटना स्थल की खाक छान रहे थे, तभी उनको एक शख्स निर्जीव हालत में दिखा। ऐसेके प्रशिक्षित तैराकों ने उसे बाहर निकाला तो वह फूलसिंह पटेल की लाश थी। तदुपरांत, पुलिस ने क्रेन बुलाई। काफी मेहनत मशक्कत के बाद क्रेन ऑपरेटर ने लोगों की सहायता से जब जलमग्न कार को बाहर किया, तब कहीं जाकर सरपंच मीनू पटेल, महेंद्र पटेल और पार्वती पटेल का शव उसके भीतर बरामद हुआ। पुलिस ने जब घटना स्थल पर चार कफन में पटेल फैमिली के 4 सदस्यों के शव को रखा तो इस हृदय विदारक नजारे को देख रोशनी पटेल दहाड़े मारकर रोने लगी।

*विकास की गंगा बहाने के लिए लोकप्रिय थीं मीनू*
सरपंच मीनू पटेल और उनके परिजनों की दर्दनाक मौत की खबर से इलाके के लोग स्तब्ध हैं। चूंकि, मीनू पटेल बेहद सधी हुईं और जनहित के मामले में लोकप्रिय सरपंच थीं, इसलिए उनकी मौत से टिमरलगा के चप्पे-चप्पे पर मातम पसर गया। लोग कहते हैं कि मीनू ने अपने कार्यकाल में विकास की जो नई ईबारत लिखी, उसे भुलाया नहीं जा सकता। वहीं, महेंद्र अपनी जीवनसंगिनी मीनू के कदम से कदम मिलाकर उनको हमेशा प्रोत्साहित करते थे, लिहाजा गांव तो गांव, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

*जलमग्न कार के चालक ने कांच तोड़ने की भी की कोशिश*
बताया जाता है कि पटेल परिवार की कार जब खदान के पानी में समाई तो स्टेयरिंग सम्हाल रहे महेंद्र ने अपने पांव से दरवाजे के कांच को मारकर तोड़ने की भी भरसक कोशिश की, क्योंकि पुलिस ने जब वाहन को बाहर निकाला तो उसमें संघर्ष के प्रमाण मौजूद थे। ऐसे में उन अफवाहों की कलाई भी खुलती है, जिसमें यह कहा गया कि मामला खुदकुशी का है। बताया तो यह भी जाता है कि महेंद्र ने अपने मामा से कुछ रुपये बतौर उधार ले रखे थे, लेकिन लेनदेन घरेलू होने के कारण लेनदार और देनदार में कभी तगादे या विवाद की स्थिति नहीं हुई।

*क्या कहते हैं एसीपी*
Raigarh News: टिमरलगा के पानी से भरे खदान में कार समाने की दुखद घटना में पटेल परिवार की 2 महिला सहित 4 लोगों की मौत हो गई। प्रथमदृष्टया यह महज हादसा है जो गेयर लगाने की गलती से हुई। मृतक़ महिला सरपंच की बेटी ने तैरकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने रेस्क्यू कर जलमग्न कार के भीतर फंसी लाशें बाहर निकाली। प्रकरण की जांच पड़ताल जारी है।
महेश्वर नाग
एडिशनल एसपी

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