30 को डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें क्या है सूर्यास्त का समय और जल चढ़ाने की विधि – RGH NEWS
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30 को डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें क्या है सूर्यास्त का समय और जल चढ़ाने की विधि

छठ पूजा : संतान प्राप्ति और संतान की उन्नति के लिए रखा जाने वाला चार दिवसीय छठ पर्व है। इस साल छठ पूजा 28 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक है। पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है, लेकिन इससे दो दिन पहले यानी चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो जाती है। मुख्य रूप से छठ का महापर्व बिहार में मनाया जाता है, लेकिन देश से लेकर विदेशों तक में इस पर्व की धूम रहती है।

30 अक्टूबर को इस महापर्व का तीसरा दिन होगा। इस पर्व का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य के लिए होता है, जिसमें व्रत करने वाली महिलाएं पानी के अंदर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। चार दिवसीय छठ पर्व में तीसरा दिन सबसे खास होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं छठ पूजा के दौरान संध्या अर्घ्य कब दिया जाएगा, इसके लिए शुभ मुहूर्त और जाने पूजा की विधि |

खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन
छठ महापर्व का तीसरा दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है। ये छठ पूजा का सबसे प्रमुख दिन होता है। इस दिन शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

महिलाएं दूध और पानी से सूर्य भगवान को अर्घ्य देती हैं। वहीं पूजन सामग्री में बांस की टोकरी में फल, फूल, ठेकुआ, चावल के लड्डू, गन्ना, मूली, कंदमूल और सूप रखा जाता जाता है। इस दिन जैसे ही सूर्यास्त होता है परिवार के सभी लोग किसी पवित्र नदी, तालाब या घाट पर एकत्रित होकर एक साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं।

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छठ पूजा 2022 संध्या अर्घ्य
छठ पूजा के दौरान सूर्यास्त के समय अर्घ्य देने का खास महत्व होता है। संध्या अर्घ्य 30 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर दिया जाएगा। इसके बाद अगले दिन 31 अक्तूबर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 27 मिनट पर होगा। इस समय सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ रहेगा।

सूर्य देव कैसे दें अर्घ्य?
छठ पूजा में सूर्यदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। षष्ठी तिथि पर सभी पूजन सामग्री को बांस की टोकरी में रख लें। नदी, तालाब या जल में प्रवेश करके सबसे पहले मन ही मन सूर्य देव और छठी मैया को प्रणाम करें। इसके बाद सूर्य देव और अर्घ्य दें। सूर्य को अर्घ्य देते समय “एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते, अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर” इस मंत्र का उच्चारण करें।

परिवार और संतान की लंबी उम्र की कामना
इस दिन महिलाएं अपने परिवार, बच्चों की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। छठी माता और सूर्य देव से घर में सुख समृद्धि की मांग करती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से छठी माता व्रत करने वाली महिलाओं के परिवार और संतान को लंबी आयु और सुख समृद्धि का वरदान देती हैं।

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