भूपेश बघेल ने की बड़ी घोषणा, अब एक नंबर से होगी,पढ़े पूरी खबर RGHNEWS पर


Dpr Cg News मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज दल्लीराजहरा में विभिन्न समाज के प्रमुखों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान राज्य में एक नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू किए जाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने दल्लीराजहरा में 100 बिस्तर अस्पताल के निर्माण तथा अम्बेडकर लाईब्रेरी के लिए 30 लाख रूपए की स्वीकृति भी दी। राज्य में समर्थन मूल्य में धान खरीदी और छत्तीसगढ़ सरकार की न्याय योजना की प्रशंसा करते हुए किसान संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि आपकी किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य में खेती-किसानी और किसान समृद्ध हो रहे है।

पंजीकृत किसानों की संख्या 25 लाख तथा पंजीकृत रकबा 31 लाख हेक्टेयर से ज्यादा होने का अनुमान
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य में एक नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने की घोषणा की है। राज्य में धान उपार्जन के लिए व्यापाक तैयारियां शुरू कर दी गई है। धान खरीदी दौरान किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाए, इसको लेकर सभी धान खरदी केन्द्रों में आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए है। राज्य में फिलहाल धान उपार्जन के लिए नए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, जो 31 अक्टूबर 2022 तक चलेगी। सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य में साल दर साल किसानों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए यह अनुमान है कि इस साल पंजीकृत किसानों की संख्या 25 लाख के पार पहुंच जाएगी। बीते वर्ष 24.05 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था, जबकि वर्ष 2020-21 में पंजीकृत किसानों की संख्या 21.52 लाख थी। विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों की संख्या विपणन वर्ष 2020-21 की तुलना में ढाई लाख से ज्यादा बढ़ गई थी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की किसान हितैषी नीतियों के चलते बीते तीन सालों में पंजीकृत धान के रकबे और किसानों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। धान बेचने के लिए पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या वर्ष 2018-19 में 16.96 लाख थी, जो कि वर्ष 2021-22 में बढ़कर 24.05 लाख हो गई है। विपणन वर्ष 2022-23 में पंजीकृत किसानों की संख्या 25 लाख के पार पहुंचने का अनुमान है। पंजीकृत किसानों की वास्तविक संख्या का सही आंकड़ा 31 अक्टूबर 2022 को पंजीयन समाप्त होने के बाद ही पता चल पाएगा। इसी तरह धान का पंजीकृत रकबा भी बीते तीन सालों में 25.60 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 30.26 लाख हेक्टेयर हो गया है। इस साल पंजीकृत रकबे में और वृद्धि अनुमानित है। राज्य में इस साल धान के फसल की बेहतर स्थिति को देखते हुए बीते वर्ष की तुलना में ज्यादा खरीदी का अनुमान है। वर्ष 2018-19 में 80.38 लाख मीट्रिक टन, वर्ष 2019-20 में 83.94 लाख मीट्रिक टन, वर्ष 2020-21 में 92.02 लाख मीटरिक टन तथा वर्ष 2021-22 में 98 लाख मीटरिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।
सरकार की गांव, गरीब, किसान, व्यापार और उद्योग हितैषी नीतियों से समाज के सभी वर्गों में खुशहाली है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान और तेंदूपत्ता की देश में सबसे अधिक कीमत पर खरीदी, किसानों की कर्ज माफी, सिंचाई कर की माफी, सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के जरिए राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अब तक एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि सीधे ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों और लघु वनोपज संग्राहकों के बैंक खाते में पहुंचा चुकी है, यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के बाजारों में लगातार रौनक बनी हुई है। यहां व्यापार-व्यवसाय की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है।
छत्तीसगढ़ राज्य देश का इकलौता राज्य है, जहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ-साथ खरीफ की सभी प्रमुख फसलों के उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ के मान से 9 से 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में किसान की बेहतरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के 17.82 लाख किसानों पर बकाया 9270 हजार करोड़ रूपए का कृषि ऋण माफ, 325 करोड़ रूपए का सिंचाई कर तथा 5 लाख से अधिक किसानों को निःशुल्क एवं रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराकर सालाना लगभग 900 करोड़ रूपए की राहत दी है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य में फसल उत्पादकता एवं फसल विविधिकरण को बढ़ावा मिला है। इस योजना के जरिए किसानों को इनपुट सब्सिडी देकर कृषि लागत में मदद की जा रही हैं। बीते दो सालों में इस योजना के तहत 14,665 करोड़ रूपए की सीधी मदद किसानों को दी गई है। इस योजना से लाभान्वित होने वालों में किसानों में से 90 प्रतिशत लघु सीमांत कृषक अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं गरीब तबके के है।

Dpr Cg News मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान साहू समाज ने दिल्ली राजहरा में मेडिकल कॉलेज और ओबीसी छात्रावास निर्माण की मांग की। मसीही समाज द्वारा सामुदायिक भवन के लिए राशि दिए जाने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि का आबंटन करा लें, भवन निर्माण के लिए शासन की ओर से राशि दी जाएगी। कमार जाति के लोगों ने स्थायी जाति प्रमाण पत्र मिलने की दिक्कत बताई और वनाधिकार पट्टे की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सब समस्या हल करेंगे। हल्बा समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री द्वारा समाज के हित में किए जा रहे कार्याें के लिए उनका आभार जताया और सामाजिक अधिवेशन में शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया। गेंद सिंह मेमोरियल में अतिरिक्त कक्ष की मांग पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने आंध्रा समिति के लोगों की मांग पर भवन के जीर्णाेद्धार के लिए भी राशि स्वीकृत की। सतनामी समाज के भवन विस्तार के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री ने सिख समाज के मांग पर स्कूल में 5 अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराए जाने के साथ ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना के लिए प्रक्रिया शुरू कराए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बंग समाज की मांग पर सामाजिक भवन के जीर्णाेंद्धार के लिए राशि स्वीकृत किए जाने तथा जमात खाना, कलार समाज तथा सेन समाज के भवन निर्माण के लिए 10-10 लाख रूपए दिए जाने की स्वीकृति दी। मरार समाज की मांग पर शाकम्बरी बोर्ड में एक महिला सदस्य को शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने रैदास समाज के भवन विस्तार के लिए आवश्यक मदद तथा कुम्हार समाज को इलेक्ट्रिक चाक दिए जाने के निर्देश दिए।



