Crime: CISF जवान गिरफ्तार, 8 साल की मासूम को प्रताड़ित करने का आरोप

Crime: कोरबा झारखंड में रहने वाली एक महिला को हर माह रूपये भेजने का लालच देकर
उसकी सात साल की पुत्री को सीआइएसएफ में पदस्थ दंपति कोरबा ले आए।
यहां मासूम बच्ची से घर का पूरा काम कराया जा रहा था। यही नहीं रात को भरपेट भोजन भी नहीं दिया जाता।
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बच्ची ने झाड़ू से पिटाई करने की भी जानकारी बाल कल्याण समिति को दी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मानव तस्करी का मामला पंजीबद्ध कर आरोपित दंपति को गिरफ्तार कर लिया है।
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संदीप उरांव व उसकी पत्नी जगरानी खाका केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में हवलदार के पद पर पदस्थ हैं।
झारखंड के गुमला थाना अंतर्गत ग्राम जोरिया में रहने वाली एक बेवा महिला की आर्थिक तंगी
का फायदा उठाते हुए संदीप व जगरानी ने उसकी सात साल की बेटी को अपने साथ निवास स्थान दर्री सीआइएसएफ कालोनी ले आए।
उन्होंने उसकी मां को भरोसा दिलाया था कि घर का थोड़ा बहुत कामकाज करेगी और इसके बदले उसे खाना पीना
Crime:बेवा महिला की आर्थिक तंगी
कपड़ा सहित सारी सुविधाएं दी जाएगी। इसके अलावा प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजा जाएगा।
बच्ची की बेहतर शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल में दाखिला की बात भी कही थी।
बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए उसकी मां राजी हो गई।
27 फरवरी को कोरबा लाने के बाद दंपती ने मासूम पर झाड़ू, पोछा, बर्तन कपड़ा समेत तमाम काम का बोझ डाल दिया।
Crime: डायल 112 को इसकी सूचना
सात दिन तक बच्ची सबकुछ सहती रही। नौ मार्च को सुबह सात बजे मौका मिलते ही बच्ची घर से भाग निकली।
अकेले यहां वहां भटक रही बच्ची पर एक स्थानीय व्यक्ति की नजर पड़ी। उसने डायल 112 को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम बच्ची को लेकर दर्री थाना पहुंची।
नियमानुसार बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने आपबीती सुनाई।
Crime:समिति की रिपोर्ट
समिति की रिपोर्ट के आधार पर दर्री पुलिस ने सीआईएसएफ के जवान व उसकी पत्नी के खिलाफ
मानव तस्करी का मामला धारा 370 के अलावा 323, 34 व जेजे एक्ट का भी अपराध पंजीबद्ध किया है।
पीड़ित बच्ची ने बताया है कि आठ मार्च की रात को जगरानी ने उसे झाड़ू से पीटा था। इसलिए वह बेहद डर गई थी।
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सुबह होने पर किसी को कुछ बताए बगैर घर से बाहर निकल गई। बच्ची को फिलहाल रामपुर स्थित बालिकागृह में रखा गया है।
इसकी सूचना मिलने पर उसकी मां झारखंड से उसे लेने कोरबा पहुंच गई है।



