मुंबई हमले के 13 साल,26/11 की बरसी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शेयर की यह तस्वीर, लिखा- नहीं भूलेंगे यह घाव…

नई दिल्ली. देश आज 13 साल पुराने आतंकी हमले में शहीदों और मारे गए गए नागरिकों को याद कर रहा है. 13 साल पहले देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (26/11 Mumbai Attacks) में कई जगहों पर हमले हुए. इसमें 166 लोग मारे गए और 293 अन्य घायल हो गए. इस हमले में 18 सुरक्षाकर्मी भी शहीद हुए थे. शुक्रवार को विदेश मंत्री जयशंकर (S Jaishankar) ने 26/11 के हमले को याद करते हुए ट्वीट किया. अपने ट्वीट के जरिए उन्होंने पड़ोसी पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसकी आतंकी नीतियों पर निशाना साधा है. मुंबई हमले की एक तस्वीर ट्वीट कर जयशंकर ने लिखा- ‘कभी नहीं भूलेंगे.’ जयशंकर ने जो ट्वीट किया है उसमें ताज होटल की इमारत से धुंआ निकल रहा है.
26/11 आतंकी हमले में महाराष्ट्र के तत्कालीन ATS चीफ हेमंत करकरे शहीद हुए थे। वे पाकिस्तानी आतंकियों की गोलियों का शिकार हुए थे। अब 13 साल बाद उनकी बेटी जुई करकरे ने हेमंत की बुलेट प्रूफ जैकेट को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जुई ने अपने पिता की बहादुरी, उनका मॉटिवेशन, देश प्रेम और मुंबई हमले के बाद की मुश्किलों को भास्कर के जरिए साझा की है। जिसे हम जस का तस आपके सामने पेश कर रहे हैं…
तारीख 20 नवंबर 2008, सुबह का वक्त था। हालचाल जानने के लिए मां का नॉर्मल फोन आया? US में तब थैंक्स गिविंग वीक चल रहा था, जो वहां बड़े लेवल पर सेलिब्रेट किया जाता है। मैंने मां को बताया कि शिकागो से मेरी ननद आई हैं। मैं उन्हें बॉस्टन घुमाने ले जा रही हूं। इसके बाद हम घूमने निकल गए। इसी बीच जर्मनी से मेरी बहन का फोन आया कि पापा हेलमेट और बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर एक टेरेरिस्ट एक्टिविटी में जा रहे हैं। मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मुझे हमेशा लगता था कि पापा सुपर हीरो हैं, उन्हें कभी कुछ नहीं हो सकता। वे सभी को बचा लेंगें।
घर आते ही मैंने टीवी ऑन किया। टीवी पर न्यूज़ फ्लैश हो रही थी कि हेमंत करकरे घायल हो गए हैं। मुझे लगा ज्यादा सीरियस बात नहीं है। इतने में न्यूज़ फ्लैश होने लगी कि हेमंत करकरे नहीं रहे। मुझे इस खबर पर यकीन नहीं हुआ। मैं सोच भी नहीं सकती थी कि पापा के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। तभी मेरे पति का फोन आया कि मैं घर आ रहा हूं। उनकी आवाज सुनकर मुझे पहली दफा लगा कि यह हो गया है।
तभी मेरी बहन का मैसेज आया कि ‘पापा गेले’ (पापा नहीं रहे।) मैं एकदम शॉक्ड थी। मां को फोन लगाया तो पता चला कि मामा उन्हें अस्पताल में पापा की डेड बॉडी दिखाने लेकर गए हैं। उसी दिन हम भारत आना चाहते थे, लेकिन नहीं आ सके, एयरपोर्ट पर रेड अलर्ट था। दो दिन बाद हम भारत पहुंचे। सामने पापा की चिता जल रही थी। मीडिया हम बच्चों से सवाल पर सवाल कर रही था। हम पहली दफा मीडिया और इतनी सारी भीड़ को फेस कर रहे थे।
पोस्टमार्टम के वक्त की लिस्ट में काफी सामान था, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट गायब थी। मै शॉक्ड थी कि यह कैसे हुआ। मां इस सवाल के जवाब में बीमार हो गई। बहुत लोग घर में आते रहते थे, बोलते थे कि हम करकरे परिवार के साथ हैं। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था। मीडिया और कुछ NGO ने इन सवालों को फॉलो किया था। मां जानना चाहती थी कि आखिर बुलेट प्रूफ जैकेट कहां गई?
गृह मंत्री ने भी दी श्रद्धांजलि
गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा – जान गंवाने वालों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देता हूँ और उन सभी सुरक्षाकर्मियों के साहस को सलाम करता हूं, जिन्होंने कायरतापूर्ण हमलों में आतंकवादियों का डटकर सामना किया. पूरे देश को आपकी वीरता पर गर्व रहेगा. कृतज्ञ राष्ट्र सदैव आपके बलिदान का ऋणी रहेगा.
इससे पहले भाजपा नेता संबित पात्रा ने ट्वीट किया- मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले में सभी शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि और बहादुर सुरक्षा कर्मियों को सलाम जिन्होंने बहादुरी से हमले का सामना किया. कांग्रेस पार्टी के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया – ‘हम उन सभी पीड़ितों और शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने 2008 में भीषण मुंबई हमलों के दौरान अपनी जान गंवाई. आतंक भारत की एकता और ताकत को नहीं तोड़ सकता.’


