पढ़ें PM मोदी के संबोधन की 10 खास बातें – RGH NEWS
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पढ़ें PM मोदी के संबोधन की 10 खास बातें

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही प्रमुख बाते

आइए जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें: 

-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत आदिवासी समाज की बोली से की. उनका स्वागत उन्हीं की बोली में किया. उन्होंने कहा- हूं तमारो स्वागत करूं. वो करीब एक मिनट तक इसी बोली में बोलते रहे.

-पीएम मोदी ने कहा अब पूरे देश में हर साल भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी हाल में पद्म पुरस्कार दिए गए हैं. जनजातीय समाज से आने वाले साथी जब राष्ट्रपति भवन पहुंचे तो दुनिया हैरान रह गई. आदिवासी और ग्रामीण समाज में काम करने वाले ये देश के असली हीरे हैं.

-पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा पहले बहन-बेटियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था. लेकिन अब हमारी सरकार में जीवन मिशन के तहत 30 लाख परिवारों को नल से जल मिलना शुरू हो गया है. इसमें भी ज्यादातर इलाके जनजातियो के हैं.

 

-प्रधानमंत्री बोले पहले कहा जाता था कि सुविधाएं पहुंचाना मुश्किल है. ये केवल बहाने थे. आदिवासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया था. इसी सोच की वजह से आदिवासी इलाके विकास से वंचित रह गए. आदिवासी बहुल जिलों पर पिछड़े होने का टैग लगा दिया.

-पीएम मोदी ने कहा पुरानी सरकार ने जनजातियों-आदिवासियों के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया. उन्होंने ऐसा करके अपराध किया. उनके लिए आदिवासियों का विकास कोई मायने नहीं रखता था. हमारी सरकार ने इस पर ध्यान दिया. आज आदिवासी परिवारों तक वे सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो पहले नहीं मिलती थीं.

-प्रधानमंत्री ने कहा – जनजातीय समाज के आत्म सम्मान की खातिर हमारी सरकार दिन रात काम करेगी. हम इस संकल्प को फिर दोहरा रहे हैं कि जैसे हम गांधी जयंती मनाते हैं, सरदार पटेल की जयंती मनाते हैं, वैसे ही भगवान बिरसा मुंडा की जयंती हर साल जनजातीय गौरव दिवस के रूप में पूरे देश में मनाई जाएगी.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा वे आदिवासियों के ऋण को चुका नहीं सकता. लेकिन उन्हें उचित सम्मान दे सकते हैं. उन्होंने इतिहासकार बाबा साहब पुरंदरे को याद किया.

-पीएम मोदी ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि मध्य प्रदेश में जनजातीय परिवारों में तेजी से मुफ्त टीकाकरण भी हो रहा है. दुनिया के पढ़े-लिखे देश इसमें पिछड़ गए लेकिन मेरे आदिवासी भाई-बहनों ने टीकाकरण का महत्व समझा. पढ़े-लिखे लोगों को आदिवासियों से सीखना चाहिए.

-उन्होंने पुरानी सरकार के समय को याद किया. सात साल पहले हर छात्र पर सरकार करीब 40 हजार रुपये खर्च करती थी. ये आज बढ़कर एक लाख से अधिक किया जा चुका है. इससे जनजातीय छात्र-छात्राओं को अधिक सुविधा मिल रही है. केंद्र सरकार हर साल स्कॉलरशिप भी दे रही है. उच्च शिक्षा और रिसर्च से जोड़ने के लिए भी अभूतपूर्व काम किया जा रहा है.

-पीएम मोदी ने अपनी सरकार के एक बड़े फैसले की तरफ ध्यान दिलाया कि जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई में एक बहुत बढ़ी दिक्कत भाषा की आती थी. लेकिन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अब पढ़ाई स्थानीय भाषा में करने की सुविधा होगी. इसका लाभ निश्चित रूप से बच्चों को मिलेगा.पीएम मोदी ने कहा हमारी सरकार ने एमपी में 20 लाख आदिवासी परिवारों को जमीन के पट्‌टे देकर उनकी चिंता दूर की. आदिवासी बच्चों की शिक्षा पर भी हमारा ध्यान है. हमारा लक्ष्य साढ़े सात सौ एकलन्य मॉडल स्कूल खोलने का है.

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