छत्तीसगढ़ न्यूज़ (समाचार)

Chhattisgarh samachar: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नियमों में बड़ा बदलाव, जानिए कब शुरू होगी खरीदी

Chhattisgarh samachar छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सत्र को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और गड़बड़ी मुक्त बनाने के लिए राज्य शासन ने इस बार नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा तय की गई नई व्यवस्था के अनुसार, अब किसानों को टोकन में दर्ज की गई सटीक मात्रा के अनुसार ही धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा।

 

यदि कोई किसान निर्धारित मात्रा से कम धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचता है, तो बची हुई मात्रा का रकबा अगले टोकन में शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि वह सीधे तौर पर लैप्स (निरस्त) हो जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि किसान उस शेष रकबे के लिए दोबारा टोकन नहीं कटवा सकेगा।

 

Read more Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? नोट कर लें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

धान खरीदी की इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से अधिक सुरक्षित बनाने के लिए इस बार बायोमीट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। खरीदी केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों की पहचान उनके अंगूठे के निशान या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के माध्यम से सत्यापित की जाएगी, और इसके बाद ही धान की खरीद प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

 

इसके साथ ही, खरीदी की सभी प्रविष्टियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज की जाएंगी, जिससे बाद में किसी भी प्रकार के रिकॉर्ड में हेरफेर या पिछली तारीख में प्रविष्टि करने की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। शासन का यह कदम बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।

 

नया टोकन सिस्टम लागू: रकबे के अनुपात में मिलेंगे टोकन और तय होगी धान की कीमतें

नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी भूमि के रकबे के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे। इसके अंतर्गत 2 एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को 1 टोकन, 10 एकड़ तक अधिकतम 2 टोकन और इससे अधिक बड़े रकबे वाले किसानों को 3 टोकन दिए जाएंगे। 2 टोकन की स्थिति में धान की मात्रा का विभाजन 50-50 प्रतिशत और 3 टोकन की स्थिति में 33-33-34 प्रतिशत के अनुपात में किया जाएगा।

 

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी किसान ने 4 एकड़ भूमि के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से कुल 84 क्विंटल धान बेचने का टोकन लिया, लेकिन खरीदी के दिन वह केवल 63 क्विंटल धान ही लेकर पहुंचता है, तो शेष 21 क्विंटल के बराबर का 1 एकड़ रकबा लैप्स मान लिया जाएगा। इस बार समर्थन मूल्य पर कॉमन धान 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।

 

 

यदि कोई किसान टोकन कटवाने के बाद निर्धारित तिथि पर धान लेकर केंद्र नहीं पहुंच पाता है, तो अगले दिन उसका वह टोकन स्वतः डिलीट हो जाएगा। ऐसी स्थिति में टोकन दोबारा जारी कराने की अनुमति केवल एक बार ही मिलेगी, और दूसरी बार टोकन डिलीट होने पर संबंधित मात्रा का रकबा हमेशा के लिए लैप्स हो जाएगा।

 

Chhattisgarh samacharपारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुल टोकन का 70 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल ऐप के जरिए और 30 प्रतिशत टोकन समितियों के माध्यम से जारी किया जाएगा। इसके अलावा, धान की रिसाइक्लिंग और फर्जी पंजीयन रोकने के लिए इसे एग्रीस्टैक (AgriStack) आधारित व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है, जिससे राजधानी रायपुर से ही पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।

 

 

ख़बर शेयर करें:

Back to top button