Raigarh News: राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में रायगढ़ पुलिस की मानवीय पहल, 22 पुलिस अधिकारी-जवानों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने रक्षित केंद्र पहुंचकर रक्तदाताओं का बढ़ाया उत्साह, बोले— रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम

Raigarh News : *रायगढ़* । भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित वर्षव्यापी राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की श्रृंखला में रायगढ़ पुलिस ने सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। रक्षित केंद्र रायगढ़ में आयोजित इस शिविर में जिला पुलिस के 22 अधिकारी एवं जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए योगदान दिया। शिविर में रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने भी रक्तदान किया।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर तथा सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, आपसी सद्भाव और सेवा की भावना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में विगत दिनों मेडिकल कॉलेज की टीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह से सौजन्य भेंट की थी। इस दौरान स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन पर चर्चा हुई, जिसके बाद रक्षित केंद्र में शिविर आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारी एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संदेश दिया।
शिविर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह स्वयं पहुंचे और रक्तदान करने वाले अधिकारी एवं जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवनदान मिल सकता है। पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के इस सेवाभावी प्रयास की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की बात कही।

रायगढ़ पुलिस द्वारा राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सहभागिता और जनसेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*
*“रक्तदान महादान है। आपके द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। पुलिस की पहचान जनसेवा और सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता से भी है। समाजहित में ऐसे सेवा कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।”*