RBI : RBI का बड़ा फैसला, Paytm पेमेंट्स बैंक को RBI ने अनुसूचित बैंकों की लिस्ट से हटाया
RBI भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को आधिकारिक रूप से मान्यता-प्राप्त अनुसूचित बैंकों की लिस्ट से हटा दिया है। आरबीआई ने बुधवार को ये जानकारी दी। केंद्रीय बैंक ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद उसे मान्यता-प्राप्त अनुसूचित बैंकों की लिस्ट से हटा दिया गया है। बताते चलें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल अप्रैल में नियमों का पालन नहीं करने पर पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था।
इस साल अप्रैल में रद्द किया गया था बैंकिंग लाइसेंस
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल 24 अप्रैल को एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने की जानकारी देते हुए केंद्रीय बैंक ने कहा था कि इस पेमेंट्स बैंक का कामकाज नुकसानदायक तरीके से संचालित किया जा रहा था। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया था।
31 जुलाई को जारी की गई थी अधिसूचना
आरबीआई ने अपने बयान में कहा, ”पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से हटा दिया गया है।” इस मामले में 31 जुलाई को अधिसूचना जारी की गई थी और सितंबर में इसे भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया।
दूसरी अनुसूची में कौन-से बैंकों को किया जाता है शामिल
आरबीआई अधिनियम की दूसरी अनुसूची में वो मान्यता-प्राप्त बैंक शामिल होते हैं जो केंद्रीय बैंक के वित्तीय मानकों को पूरा करते हैं और जिन्हें कुछ खास परिचालन सुविधाएं मिलती हैं। अनुसूचित बैंक का मतलब दूसरी अनुसूची में शामिल बैंक से है।
पहले भी कई बार हत्थे चढ़ चुकी थी कंपनी
RBIफिनटेक ग्रुप वन97 कम्युनिकेशन्स की कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक इससे पहले भी कई बार नियामकीय कार्रवाई के दायरे में आ चुका था। मार्च, 2022 में आरबीआई ने उसे नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था। आरबीआई ने उस समय बैंक को अपने आईटी सिस्टम का व्यापक ऑडिट कराने के लिए एक आईटी ऑडिट फर्म नियुक्त करने का भी निर्देश दिया था। इसके बाद 31 जनवरी, 2024 और 16 फरवरी, 2024 को बैंक पर कुछ और कारोबारी पाबंदियां लगाई गईं। इनमें मौजूदा ग्राहक खातों, प्रीपेड माध्यमों और वॉलेट में आगे कोई जमा, क्रेडिट या टॉप-अप स्वीकार करने पर रोक शामिल थी।