Today Indira Ekadashi: आज रखा जा रहा है इंदिरा एकादशी का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और धार्मिक महत्व

Today Indira Ekadashi: 6 अक्टूबर को पितृ पक्ष के दौरान इंदिरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है, जो पूर्वजों का सम्मान करने के लिए समर्पित एक महत्वपूर्ण अवधि है। इस दिन, भक्त उपवास करते हैं और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए श्राद्ध अनुष्ठान करते हैं। यह अवसर आध्यात्मिक भक्ति, कुल सम्मान और प्रार्थना और अर्पण के माध्यम से अपने पूर्वजों की जड़ों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने के महत्व पर बल देता है।
इंदिरा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ – 06 अक्टूबर, 2026 रात 2 बजकर 7 मिनट
एकादशी तिथि समापन – 7 अक्टूबर, 2026 रात 12 बजकर 34 मिनट
ब्रह्म मुहूर्त – 03:52 से 04:41
अभिजित मुहूर्त – 11:01 से 11:48
अमृत काल – 20:44 से 22:17
सर्वार्थ सिद्धि योग – 05:30 से 22:17
एकादशी व्रत पारण का समय – 7 अक्टूबर, 2026 सुबह 06:14 से 07:52

इंदिरा एकादशी 2026 पूजा विधि
एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है. सुबह उठने के पश्चात नहा धोकर कर साफ सुधरे वस्त्र धारण करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें. पूजा वाली जगह की साफ – सफाई कर लकड़ी की चौकी लगाएं. इसके ऊपर लाला या पीला कपड़ा बिछाएं और विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान को रोली, अक्षत, फूल, फूल माला अर्पित करें. विष्णु भगवान की प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. भगवान की आरती करें. उन्हें फल और मिठाई का अवश्य भोग लगाएं. व्रत करने के बाद पूजा में किसी भी प्रकार भूल -चूक गलतियों के लिए क्षमा मांगे. अगले दिन व्रत का पारण करें.
पितृ पक्ष एकादशी का धार्मिक महत्व
पितृ पक्ष एकादशी का व्रत पितरों को खुश करने के लिए भी किया जाता है. इस व्रत को करने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है. इंदिरा एकादशी पर एकादशी तिथि का श्राद्ध किया जाता है. आप इंदिरा एकादशी पर पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए अनेक उपाय कर सकते हैं. दक्षिण दिशा में पितरों के नाम का दीपक जलाें. शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने का उपाय कर सकते हैं. आप जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करें. इसके साथ ही विष्णु भगवान के ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.