Raigarh News : महानदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित गांवों में राहत-बचाव कार्य जारी
सूरजगढ़ एवं परसापाली के प्रभावित ग्रामीणों को राहत शिविरों में किया जा रहा शिफ्ट, अन्य तटीय क्षेत्रों में भी प्रशासन अलर्ट

Raigarh News : रायगढ़,27 सितम्बर 2026/ महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुसौर विकासखंड अंतर्गत महानदी के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

Read More : Fixed Deposit Rule Change: 1 अक्टूबर से बदलेगा FD के नियम, जानिए आपकी जमा रकम और ब्याज पर क्या पड़ेगा असर?
पुसौर विकासखंड के सूरजगढ़ और परसापाली गांव में महानदी का पानी पहुंचने के बाद प्रभावित ग्रामीणों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है। सूरजगढ़ में करीब 450 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पड़ीगांव में राहत शिविर बनाया गया है, जहां लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। शिविर में भोजन, पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन द्वारा की जा रही हैं। इसी तरह परसापाली में भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित लोगों के लिए छिछोर उमरिया के स्कूल भवन में राहत शिविर बनाया गया है। यहां भी प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन द्वारा महानदी के अन्य तटीय क्षेत्रों में भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, ताकि पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एसडीएम श्री महेश शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। पुसौर जनपद पंचायत के सीईओ, पंचायत सचिव, पटवारी तथा पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को रोकना है। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी के साथ आवश्यकतानुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।