ITR Filing 2026: 15 जून से पहले इन लोगों को नहीं फाइल करनी चाहिए ITR? नहीं तो बाद में हो सकती है परेशानी – RGH NEWS
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ITR Filing 2026: 15 जून से पहले इन लोगों को नहीं फाइल करनी चाहिए ITR? नहीं तो बाद में हो सकती है परेशानी

ITR Filing 2026 : वित्त र्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की तैयारी कर रहे टैक्सपेयर को टैक्स एक्सपर्ट ने 15 जून 2026 तक इंतजार करने की सलाह दी है. एक्सपर्ट का कहना है कि जल्दबाजी में ITR दाखिल करने से गलतियां हो सकती हैं और बाद में अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की जरूरत पड़ सकती है. टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा के मुताबिक, आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR फॉर्म ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए हैं. लेकिन, अभी फॉर्म 26AS और एनुअल इनफार्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में सभी जानकारियां पूरी तरह अपडेट नहीं हुई हैं.

 

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फॉर्म 16 को अच्छी तरह से जांचे

गौरी चड्ढा ने कहा कि नौकरीपेशा टैक्सपेयर को अपने नियोक्ता से फॉर्म 16 प्राप्त होने के बाद उसकी बारीकी से जांच करनी चाहिए. अगर किसी प्रकार की विसंगति दिखाई देती है तो तुरंत नियोक्ता को सूचित कर उसे ठीक करवाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘सही ITR दाखिल करने की जिम्मेदारी आखिरकार करदाता की ही होती है.’ आयकर नियमों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नियोक्ताओं को 15 जून 2026 तक कर्मचारियों को फॉर्म 16 जारी करना होगा.

 

किन इन बातों का रखें विशेष ध्यान?

टैक्सपेयर को फॉर्म 16 में निम्नलिखित जानकारियों का मिलान करना चाहिए:

PAN, नाम और पते की जानकारी

ग्रॉस सैलरी डिटेल और उसका सैलरी स्लिप और CTC से मिलान

TDS (Tax Deducted at Source) की जानकारी

दावा की गई कटौतियां और छूट

फॉर्म 26AS और AIS में उपलब्ध टैक्स डेटा का मिलान

 

आखिर क्यों महत्वपूर्ण है 15 जून?

गौरी चड्ढा के मुताबिक, ITR फॉर्म उपलब्ध होने के बावजूद फॉर्म 26AS और AIS में सभी वित्तीय लेनदेन और टैक्स संबंधी जानकारियां अभी पूरी तरह अपडेट नहीं होती हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई टैक्सपेयर अधूरी जानकारी के आधार पर ITR दाखिल करता है, तो बाद में उसे अपडेटेड ITR भरनी पड़ सकती है. 15 जून के बाद फॉर्म 16, फॉर्म 26AS और AIS का अपडेटेड डेटा उपलब्ध होने की संभावना रहती है.’

 

क्या है फॉर्म 26AS और AIS?

फॉर्म 26AS एक कंसोलिडेटेड टैक्स स्टेटमेंट है. इसमें TDS, TCS, एडवांस टैक्स भुगतान और अन्य टैक्स संबंधी लेनदेन की जानकारी दर्ज होती है. वहीं, एनुअल इनफार्मेशन स्टेटमेंट (AIS) टैक्सपेयर के वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है. इसमें ब्याज आय, डिविडेंड, सिक्योरिटीज लेनदेन और अन्य रिपोर्टेबल वित्तीय गतिविधियां शामिल होती हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि ITR दाखिल करने से पहले इन दस्तावेजों का फॉर्म 16 के साथ मिलान करना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की टैक्स नोटिस या विसंगति से बचा जा सके.

 

AY 2026-27 के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथियां

31 जुलाई 2026: वेतनभोगी, पेंशनभोगी और ऐसे करदाता जिन्हें ऑडिट की आवश्यकता नहीं है

 

31 अगस्त 2026: कुछ व्यवसायिक करदाता, जिन्हें नई समयसीमा के तहत शामिल किया गया है

 

31 अक्टूबर 2026: टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले व्यवसाय और पेशेवर

 

30 नवंबर 2026: ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट दाखिल करने वाले करदाता

 

ITR Filing 2026एक्सपर्ट की सलाह है कि टैक्सपेयर सभी डॉक्यूमेंट अपडेट होने और सही जानकारी उपलब्ध होने के बाद ही अपना आयकर रिटर्न दाखिल करें

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