NPS Fee Hike: 1 जुलाई से NPS के नियमों में बड़ा बदलाव, जानिए आपके जेब पर क्या पड़ेगा असर

NPS Fee Hike नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में इन्वेस्ट करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRAs) द्वारा वसूले जाने वाले सर्विस चार्ज के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. 15 सितंबर 2025 के सर्कुलर के हवाले से जारी किए गए ये नियम 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएंगे. इनका मुख्य मकसद चार्ज को रैशनल बनाना और सब्सक्राइबर्स के लिए पारदर्शिता लाना है.
Tier I और Tier II के चार्जेस अब कैसे होंगे?
नए नियमों के मुताबिक, अब NPS के Tier II अकाउंट पर लगने वाला एनुअल मेंटेनेंस चार्ज (AMC) बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा Tier I अकाउंट के लिए तय है. यानी आपके सेक्टर (सरकारी या प्राइवेट) के हिसाब से दोनों अकाउंट्स पर एक समान मेंटेनेंस फीस लगेगी. हालांकि, इसमें छोटे इन्वेस्टर्स को राहत दी गई है. अगर आपके Tier II अकाउंट में तिमाही के अंत में बैलेंस 1,000 रुपये या उससे कम है, तो आपसे कोई AMC नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा, PRAN कार्ड के तहत Tier I और Tier II को अलग-अलग अकाउंट माना जाएगा और दोनों पर अलग-अलग AMC लागू होगा. अच्छी बात यह है कि PRAN ओपनिंग चार्ज सिर्फ पहली बार रजिस्ट्रेशन के वक्त ही देना होगा. अगर आप अपने पुराने PRAN के अंदर ही नया Tier I या Tier II खाता खुलवाते हैं, तो इसके लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ेगा.
अकाउंट ‘डॉर्मेंट’ होने पर कितनी लगेगी फीस?
PFRDA ने बंद पड़े या ‘डॉर्मेंट’ (Dormant) अकाउंट्स के लिए भी स्थिति साफ कर दी है. अगर किसी अकाउंट में लगातार चार तिमाही (एक साल) तक कोई योगदान नहीं दिया जाता, तो उसे अगले क्वार्टर के पहले हफ्ते में ‘डॉर्मेंट’ घोषित कर दिया जाएगा.
राहत की बात: डॉर्मेंट अकाउंट पर आपको पूरा मेंटेनेंस चार्ज नहीं देना होगा. ऐसे खातों पर नॉर्मल AMC का केवल 10% हिस्सा ही चार्ज किया जाएगा.
दोबारा एक्टिव कैसे होगा?: जैसे ही आप खाते में फिर से इनवेस्टमेंट शुरू करेंगे, अगले क्वार्टर के पहले हफ्ते से उसे वापस ‘एक्टिव’ मान लिया जाएगा और फिर सामान्य चार्ज लागू होंगे.
जीरो बैलेंस खातों का क्या होगा?
NPS Fee Hike जो लोग APY (अटल पेंशन योजना) या NPS लाइट के तहत आते हैं और उनके खाते में बैलेंस जीरो है, तो उनसे कोई मेंटेनेंस चार्ज नहीं लिया जाएगा. चार्ज वसूलने के तरीके को लेकर भी स्पष्टता दी गई है. CRA हर तिमाही के अंत में या तो नियोक्ता (Employer) को इनवॉइस भेजकर पैसे लेगा, या फिर सब्सक्राइबर के अकाउंट से यूनिट्स काटकर चार्ज वसूल करेगा. ध्यान रहे कि AMC की गणना हमेशा तिमाही के अंत में आपके खाते में मौजूद कुल रकम (Corpus) के आधार पर की जाएगी



