West Bengal Election 2026: कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 284 उम्मीदवारों की पहली सूची कि जारी, जानें ममता बनर्जी के खिलाफ कौन मैदान में?

West Bengal Election 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल में तेजी देखने को मिला हैं. इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 284 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. इस सूची के माध्यम से कांग्रेस ने राज्य में कठोर वापसी का इशारा देने का प्रयास किया है जहाँ कांग्रेस ने अधीर रंजन को बहरामपुर से चुनावी मैदान में उतारा है. इसके अलावा भवानीपुर से प्रदीप प्रसाद चुनाव लड़ेंगे. यहां उनका टक्कर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी से होगा. इसके अलावा मालतीपुर से पूर्व सांसद मौसम नूर को उम्मीदवार बनाया गया है. कांग्रेस ने हेमताबाद से अनामिका राय को, जंगीपुर से मोहम्मद इमरान अली को, तूफानगंज से देबेंद्रनाथ को और दिनहाटा से हरिहर राय को उम्मीदवार बनाया है.
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क्या है कांग्रेस की रणनीति?
कांग्रेस नेतृत्व ने बताया है कि उम्मीदवारों का चयन काफी विचार-विमर्श और स्क्रीनिंग प्रोसेस के पश्चात किया गया है. पार्टी को राज्य की 294 सीटों के लिए लगभग 2500 आवेदन मिले थे, जिनमें से योग्य और मजबूत उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है. इस पहली लिस्ट में कई पुराने और अनुभवी नेताओं को अवसर प्रदान किया गया है, वहीं कुछ नए चेहरों को भी शामिल कर युवाओं को साधने की रणनीति अपनाई गई है. पार्टी का ध्यान केवल उन सीटों पर है, जहां कांग्रेस पहले मजबूत स्थिति में रही है या जहां उसे जीत की साध्य नजर आती है. कांग्रेस ने स्पष्ट जाहिर किया है कि वह इस बार पश्चिम बंगाल में सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना में है और किसी बड़े गठबंधन के बिना चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है.

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मनोरंजकता होगा टक्कर
राज्य में इस बार टक्कर काफी आकर्षण होने वाला है. एक ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) है, जिसने पहले ही अपने अधिकतर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी भी चरणबद्ध तरीके से उम्मीदवारों के नाम जारी कर रही है. चुनाव आयोग के अनुसार , पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी. कांग्रेस के लिए यह चुनाव बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन शिथिलता रहा था. ऐसे में इस बार पार्टी संगठन को कठोर बनाने, नए चेहरों को सामने लाने और स्थानीय लक्ष्य को उठाने की रणनीति पर काम कर रही है.



