Chhattisgarh Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ में डेड लाइन से पहले सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, मुठभेड़ में एक साथ 5 नक्सली ढेर

Chhattisgarh Naxal Encounter छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए हैं। जंगल क्षेत्र में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से हुई मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर हो गए।
4 दिन में 214 ठिकाने और बंकर ध्वस्त
Chhattisgarh Naxal Encounter: बता दें की बीजापुर जिले में नक्सल ऑपरेशन को लेकर सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। पिछले चार दिनों में जवानों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 214 नक्सली ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त कर दिया है। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। कार्रवाई में 450 IED, 818 BGL शेल, 899 बंडल कोडेक्स, डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा करीब 12,000 किलो खाद्य सामग्री भी सुरक्षा बलों के हाथ लगी है जिसका इस्तेमाल नक्सली लंबे समय तक जंगलों में ठहरने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार नक्सलियों के खिलाफ व्यापक सर्चिंग अभियान जारी है। बड़े नक्सली लीडरों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर ऑपरेशन को और तेज किया गया है।
डेडलाइन से पहले बड़ा नक्सल ऑपरेशन (Chhattisgarh Naxal Operation)
Chhattisgarh Naxal Encounter: बता दें कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मार्च 2026 की समयसीमा के बीच चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान चार शीर्ष कमांडर सहित लगभग 300 नक्सली सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की शीर्ष चार केंद्रीय समिति (सीसी) के सदस्यों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन, राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव और मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर शामिल हैं। देवजी और उसके सहयोगी केसा सोढ़ी के इलाके में मौजूद होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर एक सघन अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि रेड्डी को छोड़कर बाकी सभी शीर्ष कमांडर इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। रेड्डी के बारे में कहा जाता है कि वह ओडिशा में छिपा हुआ है। सुरक्षाबलों को इन चार शीर्ष कमांडर समेत करीब 300 नक्सलियों की तलाश है। अधिकारियों ने कहा कि या तो वे आत्मसमर्पण कर दें अन्यथा मार्च 2026 की समयसीमा तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सघन अभियानों के दौरान सुरक्षाबल उन्हें खत्म कर देंगे।



