IRCTC: IRCTC आधार यूजर्स के लिए अच्छी खबर! आज से ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, यात्रियों को होगा फायदा..

IRCTC अगर आप ट्रेन टिकट बुक करते वक्त हर बार वेटिंग लिस्ट से परेशान हो जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। भारतीय रेलवे ने आज यानी 12 जनवरी 2026 से ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया है, जिसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा और दलालों व फर्जी आईडी से टिकट हथियाने वालों पर लगाम लगेगी। अब रिजर्वेशन सिस्टम पहले से ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित हो गया है।
आज से क्या बदल गया?
भारतीय रेलवे और IRCTC के मुताबिक, अब एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले दिन केवल आधार से वेरिफाइड IRCTC यूजर्स ही जनरल रिजर्व टिकट बुक कर सकेंगे। यानी जिस दिन बुकिंग विंडो खुलती है, उस पूरे दिन (रात 12 बजे तक) आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। अब तक 11 जनवरी तक यह सुविधा सीमित समय के लिए थी। पहले आधार-वेरिफाइड यूजर्स केवल सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही टिकट बुक कर पाते थे। लेकिन 12 जनवरी से इस दायरे को बढ़ाकर पूरे दिन कर दिया गया है।
पहले कैसे बदलता रहा नियम?
रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था को लागू किया है। पहले सिर्फ बुकिंग खुलने के पहले 15 मिनट आधार-वेरिफिकेशन अनिवार्य था। बाद में इसे सुबह 8 से 10 बजे तक बढ़ाया गया। फिर 29 दिसंबर 2025 को इसे 12 बजे तक किया गया और 5 जनवरी 2026 को समय बढ़ाकर शाम 4 बजे तक कर दिया गया। अब 12 जनवरी से यह सुविधा पूरे दिन लागू कर दी गई है।
आम यात्रियों को क्या फायदा?
इस नए बदलाव से आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की उम्मीद ज्यादा होगी। वजह यह है कि अब फर्जी अकाउंट, बॉट्स और दलालों के जरिए टिकट बुक करना मुश्किल हो जाएगा। रेलवे के मुताबिक, हाल ही में करीब 5.73 करोड़ ऐसे IRCTC अकाउंट बंद या सस्पेंड किए गए हैं, जो संदिग्ध या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं थे। इससे टिकट बुकिंग सिस्टम पर बेवजह का दबाव कम होगा और असल यात्रियों को पहले टिकट मिलने का फायदा मिलेगा।
PRS काउंटर पर कोई बदलाव नहीं
ध्यान देने वाली बात यह है कि कंप्यूटराइज्ड PRS काउंटर से टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह नया नियम सिर्फ ऑनलाइन और ऐप से टिकट बुक करने वालों पर लागू होगा।
रेलवे का मकसद क्या है?
IRCTCरेल मंत्रालय का कहना है कि आधार वेरिफिकेशन और एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है ताकि दलालों की छुट्टी हो, टिकटों की कालाबाजारी रुके और रिजर्वेशन सिस्टम का फायदा सही यात्रियों तक पहुंचे।



