*✍️RGHNEWS ब्रेकिंग:- ओडिशा के भद्रक जिले के तट से टकराया साइक्लोन 120 kmph की रफ्तार से चल रही हवाएं देखिए अभी कहां पहुंचा चक्रवात यास?

चक्रवात ‘यास’ मंगलवार की शाम को भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है. अब इसने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में असर दिखाना शुरू कर दिया है. दोनों राज्यों के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है. दोनों ही राज्यों के लिए ‘रेड कोडेड’ चेतावनी जारी की गई है. ओडिशा के समुद्र तट से ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार, ‘भीषण चक्रवाती तूफान’ आज दोपहर तक 130-140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ ओडिशा के तटों से टकराएगा. वहीं, यास के शाम तक बंगाल के तटों से टकराने की आशंका है.’
ओडिशा, बंगाल के अलावा चक्रवात यास का असर झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार समेत अन्य कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है. बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘यास’ धामरा के पूर्व में 40 किमी और बालासोर के 90 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में स्थित है. यहां 130-140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. मैप में देखिए चक्रवात यास किस तरह आगे बढ़ रहा है…
हाई रिस्क जोन में केन्द्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर
यास तूफान के चलते ओडिशा में कई जगहों पर बारिश शुरू हो गई है. ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर पीके जेना ने बताया कि केन्द्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, भद्रक और बालासोर जिले हाई रिस्क जोन में हैं. ओडिशा सरकार ने बताया कि तटवर्ती जिलों के करीब 2 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है.
ओडिशा के 6 जिले हाई रिस्क जोन घोषित
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आपदा राहत की टीमें तैनात हैं। एयरफोर्स और नेवी ने भी अपने कुछ हेलिकॉप्टर और नावें राहत कार्य के लिए रिजर्व रखी हैं। तूफान को लेकर ओडिशा के 6 जिले हाई रिस्क जोन घोषित किए गए हैं। इनमें बालासोर, भद्रक, केंद्रपारा, जगतसिंघपुर, मयूरभंज और केओनझार शामिल हैं।
165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं
मौसम विभाग के मुताबिक, तट से टकराने से पहले यास काफी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इस दौरान 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और 2 मीटर से 4.5 मीटर तक लहरें उठ सकती हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा और हुगली में भी 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना के तटीय इलाकों में 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। हवाओं की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।



