Chhattisgarh Latest News: SECR ने 3 महीने में रायपुर रूट के कैंसिल किया लगभग 900 से ज्यादा ट्रेन तो वही 10000 से ज्यादा ट्रेनों को किया गया पढ़े पूरी खबर…

Chhattisgarh Latest News रक्षाबंधन से पहले बिलासपुर जोन से चार यात्रियों की सूची रद्द कर दी गई है। 6 से 15 अगस्त तक बिलासपुर-टिटलागढ़ और रायपुर-टिटलागढ़ मार्गों पर रद्दीकरण रहेगा। त्योहारों के मौसम के दौरान यात्रियों को यात्रा करने में कठिनाई हो सकती है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के लगातार कैंसिल और लेट हो रही ट्रेनों की वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। SECR ने अप्रैल से जून 2025 के बीच 1,994 ट्रेनों को कैंसिल किया है। इन रद्द ट्रेनों में से लगभग 48% यानी 911 ट्रेनें रायपुर रूट से होकर गुजरती हैं। इसके अलावा 11 हजार 733 ट्रेनें देरी से चलीं हैं।
इसमें हैरानी की बात ये है कि ट्रेनों के लेट और कैंसिल होने की वजह से कितने यात्री प्रभावित हुए हैं, इसकी जानकारी SECR के पास नहीं है। रायपुर डिवीजन में हर महीने 1 लाख 68 हजार से अधिक टिकट रद्द हो रही हैं, जिससे रेलवे को करीब 16 करोड़ रुपए हर महीने नुकसान हो रहा है।
SECR मुख्यालय ने अप्रैल 25 से जून 25 के बीच महज 3 लाख रुपए का रिफंड जारी किया है। रायपुर जोन से जारी रिफंड का आंकड़ा भी अन-क्लियर है। इसमें स्पष्ट नहीं है कि ट्रेन कैंसिल या लेट होने के कारण कितने रिफंड दिए गए। कितने यात्रियों ने खुद अपने टिकट रद्द किए और उन्हें रिफंड दिया गया। इसका खुलासा RTI के जरिए हुआ।
टिकट कैंसिलेशन से रायपुर डिवीजन को हर महीने 16 करोड़ का नुकसान
RTI में हमने पिछले तीन महीने में पैसेंजर्स को दिए गए रिफंड की जानकारी SECR से मांगी, जिसके जवाब में SECR ने बताया ट्रेन लेट/डायवर्ट, पैसेंजर के नहीं पहुंचने, RAC/WL टिकट के लिए और ट्रेन लेट होने के एवज में 3,05,410 रूपए पैसेंजर्स को रिफंड दिए गए। ये आंकड़ा SECR मुख्यालय का है।
यही जानकारी रायपुर डिवीजन से भी मांगी गई थी, जिसमें ये फैक्ट निकलकर आया है कि हर महीने टिकट कैंसिलेशन से रायपुर डिवीजन को 16 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। हालांकि इसमें ऊपर पूछे गए कारणों के अलावा पैसेंजर अपनी ओर से भी जो टिकट कैंसिल कर रहे हैं, वो अमाउंट भी इंक्लूड है।
हर महीने 1 लाख 68 हजार से ज्यादा टिकट कैंसिल हो रही
रायपुर डिवीजन में 20 मार्च से 20 जून के बीच 20 लाख 30 हजार से ज्यादा टिकट बुक हुई। इनमें ट्रेन रद्द, डायवर्ट, लेट और निजी कारणों के चलते 5 लाख से ज्यादा टिकट रद्द हुई। 20 लाख 30 में केवल 15 लाख 25 हजार यात्रियों ने ही ट्रैवल किया। रेलवे को करीब 48 करोड़ 20 लाख रूपए लौटाने पड़े।
इस लिहाज से रायपुर डिवीजन से हर महीने 6 लाख से अधिक टिकट बुक हो रही है। इनमें 1 लाख 68 हजार टिकट हर महीने कई तरह के कारणों के चलते रद्द हो जाती हैं। इन सबके बाद भी कट-पिट के रेलवे हर महीने 40 करोड़ से अधिक रायपुर डिवीजन से कमा रहा है।
एक ही गाड़ी कई रूट से गुजरती है, इसलिए रायपुर में काउंट ज्यादा
सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिपाठी ने बताया रायपुर से 911 ट्रेन रद्द होने का काउंट इसलिए सामने आ रहा है, क्योंकि रायपुर रूट से चलने वाली कई गाड़ियों के सोर्स स्टेशन नागपुर और बिलासपुर हैं। इसी तरह कुछ ट्रेन जिनका सोर्स स्टेशन रायपुर है, वो बिलासपुर से भी गुजरती हैं। इसी तरह नागपुर डिवीजन से सेम टेन्योर में 1516 ट्रेन रद्द हुई हैं।
ये फैक्ट है, लेकिन इसके पीछे का हिडन बैकग्राउंड ये है कि इनमें से कुछ ट्रेनों का सोर्स स्टेशन रायपुर, बिलासपुर या कोई अन्य स्टेशन हो सकता है। सोर्स स्टेशन से कोई ट्रेन रद्द होती है तो जिन और स्टेशन पर वो रुकती हैं, वहां से भी उनके रद्द होने की घोषणा की जाती है। इस तरह ये संभव नहीं कि पूरी 911 ट्रेन का सोर्स स्टेशन रायपुर होगा।
रेलवे का दावा- आने वाले समय में नहीं होगी दिक्कत
Chhattisgarh Latest News DCM अवधेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बीते 5 साल-10 साल से तुलना करें तो इस समय यात्री और माल गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। हमारे लिए दोनों महत्वपूर्ण हैं। कोशिश रहती है कि ट्रेन डिले या कैंसिल न हो, लेकिन भविष्य को देखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना और डेवलप करना भी जरूरी है।


