*✍️अब खाने के तेल ने बिगाड़ा किचन का बजट,30 से 60 परसेंट तक हुए महंगे…*

RGHNEWS कंज्यूमर पर महंगे तेल का डबल अटैक हो गया है. एकतरफ जहां महंगे क्रूड की वजह से पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों ने कमर तोड़ रखी है तो खाने के तेल दाम ने किचन का जायका बिगाड़ रखा है. पिछले एक साल में क्रूड कीमतों में जहां 95 परसेंट की तेजी आई है, तो दूसरी तरफ अलग-अलग खाने के तेल के दाम पिछले एक साल में 30 से 60 परसेंट तक महंगे हो गए हैं. यानी कंज्यूमर पर महंगाई की दोहरी मार है.
क्रूड पाम तेल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है. सोयाबीन, सोया तेल की कीमतें नई ऊंचाई पर आ गईं हैं. एक साल में इनके दाम 30 परसेंट से 60 परसेंट तक बढ़े हैं. जिसकी वजह से खाने का तेल इतना महंगा हुआ है. अब बात उन वजहों की जिसके चलते खाने के तेल की कीमतें इतना ज्यादा बढ़ गई हैं.
Indian Vegetable Oil Producers’ Association (IVPA) के प्रेसिडेंड सुधाकर देसाई के मुताबिक ‘फरवरी में तेजी पाम ऑयल और सन ऑयल की वजह से था, पिछले दो हफ्ते में ये तेजी सोयबीन ऑयल की वजह से है. ब्राजील का मौसम बेहद खराब है, वहां काफी बारिश हुई है. सन फ्लावर तेल 1700 डॉलर पर पहुंच गया है जो कि एक रिकॉर्ड ऊंचाई है. घरेलू मार्केट की बात करें तो फरवरी में शिपमेंट काफी कम रहा था, बमुश्किल ही 4 लाख टन पाम भारत आया था, 4 लाख टन सोया आया है. अप्रैल-मई तक भी मार्केट गिरने की संभावना नहीं है, यानी दो महीने तक खाने के तेल में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है’



