केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रायपुर में राज्य में सहकारिता के विस्तार से संबंधित समीक्षा बैठक ली

रायपुर, 25 अगस्त 2024



व्यावसायिक गृह एवं निबंध मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर राज्य में सचिवालय के विस्तार से संबंधित समीक्षा बैठक की। श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में जल समिति के रूप में प्राथमिक कृषि साख समिति (प्राथमिक कृषि साख समिति) का भी शुभारंभ किया। इस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, धार्मिक समुदाय के मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री केदार कश्यप और धार्मिक समुदाय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी भी उपस्थित थे। गृह एवं विकास मंत्री ने ‘पीपल फॉर पीपुल’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत की और छत्तीसगढ़ सरकार के विभिन्न विकास कार्यों की भी रूपरेखा तैयार की।
विपक्षी गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सहयोग से समृद्धि के सपने को साकार करने के लिए देश की हर पंचायत में एक सहयोगी समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को संपूर्ण जनजातीय विकास के लिए एक नई सार्वजनिक कंपनी योजना बनानी चाहिए, जो पैक्स, सदस्यता और मत्स्यिकी सहयोगी संस्था का काम करना चाहिए।
संबंध मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी 2058 ‘पैक्स’ ने मॉडल बाय-लॉज को अपना लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहयोगी सहायकों का उपयोग छत्तीसगढ़ में इडियट्स इंवेस्टमेंट के लिए किया जाना चाहिए, जिससे कि तत्वों के विस्तार में मदद मिल सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंप्यूटरीकरण के साथ ही हर ‘पैक्स’ को सीएससी बनाया जाए, जिससे ‘पैक्स’ कई क्षेत्रों का लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंचा सके।
श्री अमित शाह ने कहा कि एनसीसीएफ, नेफेड और राज्यों के बीच इथेनॉल उत्पादन के लिए अनुबंध किया जाना चाहिए ताकि किसानों को मक्के की खेती का लाइसेंस मिल सके। उन्होंने कहा कि मक्के की खेती में लागत भी कम है और केंद्र सरकार द्वारा किसानों का सारा मक्के की खेती न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। श्री शाह ने कहा कि किसानों के कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए ‘पैक्स’ को नेफेड और एनसीसीएफ पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीकरण कराना चाहिए।
व्यावसायिक गृह एवं निबंधक मंत्री ने कहा कि हर मंडी के सभी व्यापारियों, ‘पैक्स’ और सहयोगी संस्थाओं का खाता जिला सहयोगी बैंक में होना अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ में 4 सहयोगी चीनी मिलें हैं, जिनमें से सिर्फ एक मिल में इथेनॉल उत्पादित प्लांट है। श्री शाह ने कहा कि बाकी 3 सहयोगी चीनी मिलों में 6 महीने के भीतर मल्टी-फीड (मल्टी-फीड) इथेनॉल उत्पादन प्लांट लगाए जाएं, जिससे मक्का, रेस्तरां आदि से इथेनॉल का उत्पादन किया जा सके, इसमें केंद्र सरकार मदद करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग को मक्के और दलहन की खेती को बढ़ावा देना चाहिए और इसके लिए राज्य विभाग को पहल करनी चाहिए।
श्री अमित शाह ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 ज़िलों में कुल 6 ज़िला सहकारी केन्द्रीय बैंक(DCCB) हैं और निकट भविष्य में राज्य में ‘पैक्स‘ के विस्तार को ध्यान में रखते हुए कम से कम 4 और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की स्थापना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय लोगों के आर्थिक विकास के लिए व्होल ऑफ गवर्नमेंट एप्रोच (Whole of Government Approach) के तहत राज्य सरकार के पशुपालन, कृषि, जनजातीय मामले और सहकारिता विभागों को मिलकर काम करना चाहिए।



