Raigarh News: आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में जेएसपी की अहम भूमिका: नवीन जिंदल
75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जेएसपी में चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने फहराया तिरंगा
Raigarh News: संयंत्र के डीआरआई-2, एसपीएम, एसएमएस, रेल मिल और एसएसडी यूनिट ने उत्पादन के नए कीर्तिमान बनाए हैं। डिस्पैच में भी प्रगति हुई है। गर्व की बात है कि रायगढ़ की रेल मिल को एमआरएस रेल कांफ्रेंस में सर्वश्रेष्ठ रेल निर्माता-2023 घोषित किया गया।’ श्री जिंदल ने समूह के अंगुल, पतरातू, बड़बिल, टेन्सा, तमनार, रायपुर सहित अन्य संयंत्रों की उपलब्धियों के बारे में भी अपने उद्बोधन में जानकारी दी।

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श्री जिंदल ने कहा कि ’श्रीमती शालू जिंदल के नेतृत्व में जेएसपी फाउंडेशन लोगों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने के लिए जुटा हुआ है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, गरीबों और जरूरतमंदों को सहयोग सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर में 1 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जेएसपी फाउंडेशन काम कर रहा है। बेघरों को घर देने के लिए आशियाना योजना के तहत 521 लोगों को अपना घर बनाने के लिए सहयोग किया गया है। 80 लाख से अधिक लोगों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल और स्वच्छता के साधन पहुंचाए हैं। किशोरी एक्सप्रेस के माध्यम से जेएसपी फाउंडेशन ने 8 लाख से अधिक बेटियों को स्वस्थ बनाया है। मिशन जीरो हंगर के तहत जेएसपी फाउंडेशन ने 70 लाख भोजन की थाली जरूरतमंदों तक पहुंचायी है और इसे 1 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
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Raigarh News : चिरंजीवी योजना के तहत 10 हजार से अधिक कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। तमनार स्थित जिंदल चिल्ड्रन होम सहित देश के 15 चिल्ड्रन होम में हम 1 हजार से अधिक उन बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं, जिनके माता-पिता का निधन कोविड के कारण हो गया था। ओडिशा, नयी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में जेएसपी फाउंडेशन एक हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की सेवा कर रहा है। जल्दी ही रायगढ़ में भी जिंदल अपना घर का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसमें 150 वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर जीवन की व्यवस्था की जा रही है। यशस्वी योजना के माध्यम से 10 हजार युवतियों को सशक्त बनाने का प्रयास हो रहा है। इनमें से 2 हजार बेटियों को रोजगार भी मिल चुका है। जिंदल आशा के माध्यम से 5 हजार से अधिक दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास का प्रयास किया जा रहा है। यह गर्व की बात है कि ढाका में होने जा रहे विशेष बच्चों के ओलिंपिक के लिए जिंदल आशा केंद्रों के अनेक बच्चों का चयन किया गया है।’



