“पहले किसानों को दिया बोनस”, अब होने जा रही मोदी की और एक गारंटी पूरी…

CG News : भाजपा संगठन ने सोमवार को बिलासपुर में सम्मेलन और सम्मान समारोह के बहाने के कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव के लिए रिचार्ज किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में सरकार बनने के एक महीने के भीतर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और बड़े वादों को पूरा किया है।
सीएम साय ने कहा कि कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख गरीबों के मकान स्वीकृत करने के साथ ही 12 लाख से ज्यादा किसानों को 3,715 करोड़ रुपए बकाया बोनस दिया। पीएससी की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत जल्द ही विवाहित महिलाओं के खाते में एक हजार रुपए दिए जाएंगे। अब किसानों को धान की कीमत 3,100 रुपए एकमुश्त दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों को जीतकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आभार जताना है।
बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को हमेशा दिया है जीत का श्रेय
बीजेपी के राष्ट्रीय नेता हों या फिर राज्य के नेता सभी ने कार्यकर्ताओं को हमेशा पार्टी की आत्मा बताया है। विधानसभा चुनाव हों या फिर लोकसभा चुनाव बीजेपी ने हमेशा अपने कार्यकर्ताओं के योगदान का जिक्र किया है। अब छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान कर रही है।
Read more: बटालियन के आवास में जवान ने लगाईं फांसी तो बिस्तर पर मिली महिला की लाश..
जिन कार्यकर्ताओं के भरोसे राज्य में सत्ता की वापसी हुई है, अब उनका अभिनंदन सीएम से लेकर मंत्री और संगठन के दिग्गज नेता कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं के लिए प्रदेशभर में सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। शीर्ष नेतृत्व का यह प्रयोग लोकसभा चुनाव में अहम हो सकता है।
लोकसभा चुनाव पर फोकस
कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन के दिग्गज पदाधिकारियों के साथ ही नेताओं का पूरा ध्यान लोकसभा चुनाव पर रहा। प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव, सीएम विष्णुदेव साय, दोनों डिप्टी सीएम सभी ने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रहने की अपील की।
CG News :ओम माथुर ने कहा कि 3 महीने तक हम न सोएंगे, न बैठेंगे और न विश्राम करेंगे। उन्होंने सिर्फ काम करेंगे का नारा दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की और दोनों हाथ उठाकर संकल्प भी लिया। प्रदेश प्रभारी की बातों पर कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के गगनभेदी नारे और दोनों हाथ उठाकर अपनी सहमति भी दी। यह पहली बार देखने को मिला, जब कार्यकर्ता पूरी तरह से उत्साहित नजर आए।



