कोरोना पर मोदी ने भी हाथ जोड़े... कोरोना वायरस पर PM मोदी बोले- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं – RGH NEWS
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कोरोना पर मोदी ने भी हाथ जोड़े… कोरोना वायरस पर PM मोदी बोले- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 215 दिन में सातवीं बार आज देश के नाम संदेश लेकर आए। जाहिर तौर पर उनका यह संदेश भी कोरोना पर ही था। वे 12 मिनट बोले। कबीरदास के एक दोहे का जिक्र किया। रामचरित मानस में लिखी एक बात बताई। तीन धर्मों के छह त्योहारों नवरात्र, दशहरा, ईद, दीपावली, छठ पूजा और गुरुनानक जयंती का जिक्र किया। फिर बिहार में वोटिंग से 8 दिन पहले उन्होंने यह अपील की, ‘जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।’

मोदी के देश के नाम संदेश से पहले भाजपा के यू-ट्यूब चैनल पर लाइक से ज्यादा डिस्लाइक थे। जब मोदी का 12 मिनट का भाषण पूरा हुआ, तो भाजपा ने अपने चैनल से डिस्लाइक के नंबर छुपा लिए। यानी आप यहां लाइक-डिस्लाइक तो कर सकते थे, लेकिन उसके नंबर नहीं जान सकते थे। हालांकि, पीएमओ, नरेंद्र मोदी और पीआईबी के चैनलों पर मोदी के भाषण पर डिस्लाइक से ज्यादा लाइक्स थे। इसलिए यहां नंबर नजर आ रहे थे, लेकिन नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल चैनल पर मोदी के भाषण की लिंक से कमेंट का ऑप्शन हटा लिया गया।

मोदी की 12 मिनट की स्पीच की 12 बातें

1. जिंदगी और आर्थिक गतिविधियों में रफ्तार: कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम सभी भारतवासियों ने बहुत लंबा सफर तय किया है। समय के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी धीरे-धीरे तेजी नजर आ रही है। हममें से अधिकांश लोग अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए फिर से जीवन को गति देने के लिए रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं। त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है।

2. हमें हालात को बिगड़ने नहीं देना है: हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, पर वायरस नहीं गया है। बीते सात-आठ महीनों में हर भारतीय के प्रयास से भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में है, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है। हमें उसमें सुधार करना है।

3. साधन संपन्न देशों की तुलना में हमने ज्यादा जानें बचाई: आज देश में फैटेलिटी रेट कम है, रिकवरी रेट ज्यादा है। अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में 10 लाख लोगों में संक्रमितों का आंकड़ा 25 हजार के पास है। भारत में 10 लाख लोगों में मृत्यु दर 83 है। अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन जैसे देशों में ये आंकड़ा 600 के पार है। साधन संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों की जान बचाने में सफल रहा है।

4. कोरोना टेस्ट जल्द 10 करोड़ का आंकड़ा पार करेंगे: देश में कोरोना मरीजों के लिए 90 लाख से ज्यादा बेड्स उपलब्ध हैं। 12 हजार क्वारैंटाइन सेंटर्स हैं। कोरोना टेस्टिंग की 2 हजार लैब काम कर रही हैं. देश में टेस्ट की संख्या जल्द ही 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी। कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी बड़ी ताकत रही है।

5. ये ना मान लें कि कोरोना चला गया, उससे खतरा नहीं: सेवा परमो धर्म के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर,नर्स, हेल्थ वर्कर, सुरक्षाकर्मियों ने इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा की। इन सभी प्रयासों के बीच ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है।

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