बिजनेस

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! सैलरी और पेंशन को लेकर क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान? पढ़े पूरी डिटेल

8th Pay Commission:यदि आप केंद्रीय कर्मचारी हैं, तो यह आपके लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। वास्तव में, केंद्रीय सरकार कर्मचारी और श्रमिक संघ (CCGEW) ने 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में हड़ताल करने का निर्णय लिया है। यह हड़ताल मुख्य तौर पर 8वें वेतन आयोग की शर्तों और पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर सरकार की नीतियों के खिलाफ आयोजित की जा रही है। CCGEW के कॉन्फेडरेशन ने कैबिनेट सचिव को चेतावनी दी है कि यदि सरकार 8वें वेतन आयोग और कर्मचारियों से संबंधित अन्य मुद्दों पर उनकी चिंताओं का समाधान नहीं करती, तो यह विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

Read More: Trending News In CG: 10 फरवरी को होगा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन

क्‍या चाहता है CCGEW?

CCGEW ने सरकार से 8वें CPC के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को रिवाइज करने की अपील की है. संगठन चाहता है कि CCGEW और जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की नेशनल काउंसिल दोनों के सुझावों को सैलरी और पेंशन रिवीजन पर कमीशन के काम में शामिल किया जाए. कुछ मुख्य मांगों में ये बातें शामिल हैं:

8वां वेतन आयोग :

  • आयोग की ‘शर्तों’: में संशोधन किया जाए ताकि कर्मचारियों की मांगों को सही से शामिल किया जा सके.
  • 20% अंतरिम राहत : 1 जनवरी 2026 से बेसिक सैलरी और पेंशन पर 20% की अंतरिम राहत दी जाए.
  • DA का मर्जर: 50% महंगाई भत्ते (DA/DR) को बेसिक सैलरी और पेंशन में मर्ज किया जाए.

8th Pay Commission Latest Update

पेंशन सुधार:

  • नई पेंशन योजना (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को पूरी तरह खत्म किया जाए.
  • सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से बहाल किया जाए.
  • पेंशन की कम्यूटेड वैल्यू  को 15 साल के बजाय 11 साल में बहाल किया जाए.

बकाया राशि :

कोविड-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीनों के महंगाई भत्ते (DA/DR) का बकाया तुरंत जारी किया जाए.

रोजगार और भर्ती:

  • विभिन्न विभागों में खाली पड़े सभी पदों को तुरंत भरा जाए.
  • आउटसोर्सिंग और निजीकरण  पर रोक लगाई जाए.
  • अनुकंपा नियुक्तियों पर लगी 5% की सीमा को हटाया जाए.

Read More: Bank Open Or Closed Today: क्या आज शनिवार को बंद रहेंगे या खुले? घर से निकलने से पहले यहां कन्फूजन करें दूर

अन्य मांगें:

  • चारों नए लेबर कोड्स  को रद्द किया जाए.
  • न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 9000 प्रति माह किया जाए.
  • ग्रामीण डाक सेवकों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए.

कहां-कहां होगा सबसे ज्‍यादा असर

अगर 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो इसका सबसे बड़ा असर आम जनता से जुड़ी उन सेवाओं पर पड़ेगा जो सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधीन आती हैं. CCGEW (कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स) के साथ कई बैंक यूनियन और ट्रेड यूनियन भी जुड़ रहे हैं, जिससे इसका दायरा काफी बढ़ गया है. यहां उन प्रमुख क्षेत्रों की लिस्ट दी गई है जहाँ सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है:

बैंकिंग सेवाएं (सबसे ज्यादा प्रभावित)

AIBEA और BEFI जैसे बड़े संगठनों के शामिल होने से सरकारी बैंकों (SBI, PNB आदि) में कामकाज ठप हो सकता है. काउंटर पर कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरिंग और बैंक ड्राफ्ट जैसे काम अटक सकते हैं. हालांकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (UPI) चलते रहेंगे, लेकिन हड़ताल लंबी खिंची तो ATMs में कैश की किल्लत हो सकती है.

भारतीय रेलवे (यात्री और माल ढुलाई)

रेलवे कर्मचारी संगठनों के समर्थन से ट्रेनों के संचालन में देरी हो सकती है. खासकर टिकट बुकिंग काउंटरों  और मेंटेनेंस विभागों में कर्मचारियों की कमी खल सकती है. माल की ढुलाई पर असर पड़ने से जरूरी सामानों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है.

डाक विभाग

पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी CCGEW का अहम हिस्सा हैं. हड़ताल से चिट्ठियों, पार्सल, स्पीड पोस्ट और पोस्ट ऑफिस बैंकिंग सेवाओं पर पूरी तरह ब्रेक लग सकता है.

India Post GDS Vacancy
India Post GDS

आयकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग

सरकारी दफ्तरों में फाइलें रुक सकती हैं. टैक्स से जुड़े प्रशासनिक काम और रिफंड की प्रक्रिया में देरी होने की संभावना है.

परिवहन और कारखाने

कई राज्यों में परिवहन निगम की यूनियनें भी समर्थन दे रही हैं, जिससे अंतरराज्यीय बसों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, सरकारी डिफेंस फैक्ट्रियों और खदानों  में उत्पादन धीमा हो सकता है.

Read More: Rashifal: महीने के आखिरी दिन इन राशि वालों को बिजनेस में होगा मुनाफा, सभी अटके काम भी होंगे पूरे, पढ़िए दैनिक राशिफल

आवश्यक सेवाएं (बिजली और पानी)

आम तौर पर, अस्पताल, बिजली, और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा जाता है, लेकिन कुछ राज्यों में कर्मचारी संों ने सांकेतिक विरोध की चेतावनी दी है

निजी क्षेत्र के बैंक HDFC, ICICI, और Axis निजी परिवहन सेवाएं र इन हड़तालों से प्रभावित ती हैं, इसलिए आपक डिजिटल े GPay PhonePe काम करत रहे

Related Articles

Back to top button