*✍️सरकार ने बुर्का और नकाब पर लगाया बैन, मुस्लिमों के विरोध को देखते हुए कराया गया जनमत संग्रह…*

RGHNEWS स्विट्जरलैंड की सरकार बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने जा रही है. इस संबंध में रविवार को कराए गए जनमत संग्रह में अधिकांश लोगों ने बुर्का पर बैन के पक्ष में मतदान किया. जनमत संग्रह में देशवासियों से पूछा गया था कि क्या बुर्का और नकाब पर बैन लगाया जाना चाहिए? जिसके जवाब में करीब 51 फीसदी लोगों ने प्रतिबंधित का समर्थन किया. लिहाजा अब सरकार जल्द ही आधिकारिक तौर पर बुर्का और नकाब पहनने पर रोक की घोषणा कर सकती है.
इसलिए कराया Referendum
स्विट्जरलैंड में लगभग एक महीने सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पहनने या किसी अन्य तरह से चेहरा ढंकने पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर कई संगठनों ने आपत्ति जताई थी. विरोध करने वालों में मुस्लिम संगठन भी शामिल थे. इसे देखते हुए सरकार ने जनता की राय जानने का फैसला लिया और रविवार को जनमत संग्रह कराया गया. करीब 51 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि बुर्का और नकाब आदि पर प्रतिबंध लगाया जाए.
कोई महिला नहीं पहनती Burqa
यूनिवर्सिटी ऑफ लूसर्न ने साल की शुरुआत में यह दावा किया था कि स्विट्जरलैंड में कोई महिला बुर्का नहीं पहनती, जबकि सिर्फ 30 फीसदी महिलाएं केवल नकाब लगाती हैं. बता दें कि स्विट्जरलैंड में 5.2 फीसदी आबादी मुस्लिम है. यहां रहने वाले अधिकांश मुस्लिम, बोस्निया, तुर्की और कोसोवो से हैं. इन देशों की मुस्लिम परिवारों की महिलाएं नकाब और बुर्का पहनती हैं. यही वजह है कि इस जनमत संग्रह को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया जा रहा है.
Swiss Party ने चलाया अभियान
राइट विंग की स्विस पीपल्स पार्टी ने बुर्का और फेस कवरिंग के खिलाफ कैंपेन भी चलाया है. जनमत संग्रह से पहले पार्टी की तरफ से जगह-जगह बिलबोर्ड लगाए गए थे, जिनमें बुर्का पहने महिला की तस्वीर के साथ अतिवाद को रोकने की बात कही गई थी. SVP के सांसद और रेफरेंडम कमेटी के सदस्य वाल्टर वॉबमन ने लोगों से खुलकर अपनी राय व्यक्त करने की अपील करते हुए कहा था कि स्विट्जरलैंड में चेहरा दिखाने की परंपरा है, ये हमारी मूलभूत स्वतंत्रता का संकेत है.