*✍️डॉक्टरों ने की कमाल,22 साल का लड़का जो कि 1 घंटे तक रहा मृत परंतु डॉक्टर ने जीवित करके दिखाया चमत्कार, पढ़ें पूरी रिपोर्ट कैसा हुआ चमत्कार…!!!*

RGHNEWS प्रशांत तिवारी देश की राजधानी दिल्ली का अपोलो हॉस्पिटल फरवरी के पहले हफ्ते एक मेडिकल चमत्कार का गवाह बना। आसिफ़ खान, सीने में तेज दर्द की शिकायत लेकर हॉस्पिटल पहुंचा था। अलीगढ़ का यह 22 वर्षीय इंजीनियर लड़का एक घंटे के लिए मृत घोषित कर दिया गया था और डॉक्टर्स उसकी जिंदगी बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करने लगे। आसिफ़ को ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि उस दिन उनके साथ क्या हुआ। सीने के दर्द के परीक्षण से पता चला कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था और वे बेहोश हो गए। उनका शरीर कुछ भी हरकत नहीं कर रहा था। ट्रामा स्पेशलिस्ट्स ने विश्वास दिलाया कि उन्हें लगातार ब्लड पहुंचाने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिसक्सिएशन (CPR) दिया जा रहा है।
उनके हार्ट को डिफिब्रिलेटर का उपयोग कर शॉक्स दिए जा रहे थे। एक घंटे से भी अधिक समय से निरन्तर प्रयास किये जा रहे थे तब जाकर आसिफ़ ने कोई प्रतिक्रिया दी। उनका हार्ट पुनर्जीवित हो गया और उस कमरे में सब ने राहत की साँस ली। परन्तु बात यहीं ख़त्म नहीं हुई। अगला कदम उनके कार्डियक अरेस्ट का कारण ढूंढने और उनकी स्थिति सुधारने की थी। आसिफ़ को कॅथेटराइजेशन लैब में शिफ्ट किया गया, जहाँ पर इमेजिंग इक्विपमेंट की मदद से आर्टरीज और हार्ट के चैम्बर्स को विसुअलाइस किया जाता है। जब उन्हें एंजिओग्राम के लिए कैथ लैब ले जाया जा रहा था तब उन्हें फिर से कार्डियक अरेस्ट हुआ। डॉक्टर्स के पास अब कोई भी चारा नहीं था सिवाय ब्लड क्लॉट को हटाने के और जल्द से जल्द स्टंट लगाने के। हॉस्पिटल अथॉरिटीज ने उनके परिवार को सारी स्थिति के बारे में बताया और उनसे जरूरी ऑपरेशन करने के लिए अनुमति मांगी। उनके माता-पिता यह सब सुनकर अपने बेटे के लिए चिंतित हो गए। डॉक्टर्स बिना समय गंवाए आसिफ़ की जान बचाने में लग गए। अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट डॉ एनएन खन्ना कहते हैं, ‘ हमने सोचा कि उसका ब्रेन डेड हो गया है। हम पुष्टि करने की प्लानिंग ही कर रहे थे तभी उसने अचानक ही आँखे खोल दीं। वह एक युवा लड़का था, हम उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहते थे।