टेक्नोलोजी

*✍️अगर गलत एकाउंट मे ट्रांसफर हो जाये आपके पैसे तो ऐसे करे रिकवर…..जाने क्या है नियम….*

आज के टाइम में हर काम घर बैठे मोबाइल से हो जारहे है आज आपको अगर कही भी पैसे भेजने है या मंगवाने है तो बस चंद मिनटों मे ही ये काम हो जाता है अब बैंकिंग सिस्टम (Banking System) तेजी से बदल रहा है। अब कहीं पैसे भेजने हों या कहीं से मंगाने हों, बहुत कम मामलों में ब्रांच जाने की जरूरत होती है। यूपीआई (UPI), फोन बैंकिंग (Phone Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) आदि ने प्रोसेस को बहुत आसान बना दिया है।

हालांकि इसमें कई बार गड़बड़ियां हो जाती हैं और पैसे गलत अकाउंट में चले जाते हैं। ऐसा होने पर भी घबराने की जरूरत नहीं है। ये पैसे आपको वापस मिल सकते हैं, बस आपको कुछ जरूरी काम करने होंगे।

आप कहीं पैसे भेजते हैं तो तत्काल आपके अकाउंट से पैसे कटने का मैसेज आता है। अगर गलती से आपने कहीं और पैसा भेज दिया है, तो बिना देरी किए अपने बैंक को इसकी सूचना दें। बैंक के कस्टमर केयर को फोन करें और सारी जानकारी सही-सही उन्हें दें। संभव है बैंक आपसे सारी जानकारी ईमेल पर मांगे। ईमेल में आप सारे सबूत अटैच करते हुए पूरा डिटेल दें। ट्रांजेक्शन नंबर, अमाउंट, किस अकाउंट से पैसे कटे, गलती से किस अकाउंट में पैसे चले गए, ट्रांजेक्शन की तारीख और समय जैसी जानकारियां जरूर दें।

कई बार ऐसा होता है कि आप आईएफएससी नंबर गलत डाल देते हैं या जो बैंक अकाउंट आप भरते हैं, वह एक्जिस्ट नहीं करता है। ऐसी स्थिति में भी आपके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। हालांकि इस केस में पैसे खुद ही आपके अकाउंट में वापस आ जाते हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो आपको अपने ब्रांच जाकर मैनेजर से मिलना होगा। यदि मामला एक ही ब्रांच का हुआ तो पैसे जल्दी वापस आ जाएंगे।

जिस अकाउंट में पैसे गए हैं, वह किसी अन्य बैंक या ब्रांच का हुआ, तो पैसे वापस आने में समय लग सकता है। ऐसे मामलों में पैसा रिफंड होने में दो महीने तक का समय लग सकता है। आप अपने बैंक से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि किस बैंक ब्रांच ने ट्रांजेक्शन को प्रोसेस किया है। आप सीधा उस बैंक ब्रांच से संपर्क कर सकते हैं। वह ब्रांच उस व्यक्ति से संपर्क कर पैसे लौटाने की सहमति मांगेगाा, जिसके अकाउंट में गलती से पैसे चले गए हैं।

जिस व्यक्ति के अकाउंट में पैसे गए हैं, वह लौटाने से इनकार करे तो मामला पेचीदा हो सकता है। ऐसी स्थिति आने पर आपको कोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा। आप उस व्यक्ति को कोर्ट से नोटिस भिजवाकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। इस मामले को लेकर रिजर्व बैंक का नियम कहता है कि इसके लिए बैंक दोषी नहीं हैं। इसका सारा जिम्मा आपके ऊपर होता है क्योंकि आप खुद लाभार्थी के डिटेल्स रजिस्टर करते हैं।

आरबीआई ने ऐसी स्थिति के लिए एक अहम उपाय किया है। आप कहीं पेमेंट कर रहे हों या किसी को पैसे भेज रहे हों, अकाउंट से पैसे कटने के मैसेज में यह पूछा जाना अनिवार्य है कि कहीं आपने गलती से ट्रांजेक्शन तो नहीं किया। उसी मैसेज में कोई नंबर या ईमेल दिया जाना भी अनिवार्य होता है, जहां आप शिकायत कर सकें। अगर आपने गलती से पैसे भेज दिए हैं तो बिना देरी के मैसेज में दिए गए नंबर या ईमेल पर शिकायत करें। इस प्रक्रिया में अधिक समय भी नहीं लगता है।

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