*✍️बिहार के बाहुबली नेता का निधन…पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत…*

नई दिल्ली. बिहार के चर्चित बाहुबली और सीवान लोकसभा सीट से सांसद रह चुके मोहम्मद शहाबुद्दीन (Shahabuddin) की कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से मौत की खबरों को जहां तिहाड़ जेल प्रशासन ने अफवाह बताया है. तिहाड़ जेल प्रशासन ने कहा है कि पूर्व सांसद की हालत गंभीर है, उनका दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (Deendayal Upadhyay Hospital) में इलाज चल रहा है. बता दें कि आज सुबह से ही बिहार के चर्चित बाहुबली नेता की कोरोना की वजह से मौत की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इन खबरों का खंडन किया गया.
हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे शहाबुद्दीन को पिछले महीने 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था. कोरोना संक्रमण के बाद उनकी हालत गंभीर है. शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं. तिहाड़ जेल जाने से पहले वे बिहार के भागलपुर और सीवान की जेल में भी लंबे समय तक सजा काट चुके हैं. साल 2018 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए, लेकिन जमानत रद्द होने के कारण उन्हें वापस जेल जाना पड़ा. 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राजद सांसद को सीवान से तिहाड़ जेल लाने का आदेश दिया था.
संक्रमण की जद में कैदी भी आ रहे हैं
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद और लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले शहाबुद्दीन के कोरोना संक्रमित होने के बारे में तिहाड़ जेल प्रशासन ने बताया था कि उनकी हालत अभी स्थिर है. कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं. गौरतलब है कि देशभर में कोरोना टीकाकरण शुरू होने के बाद तिहाड़ जेल में भी कैदियों को कोरोना वैक्सीन लगाए जाने की कवायद शुरू हो चुकी है. इस बीच लगातार बढ़ते संक्रमण की जद में कैदी भी आ रहे हैं.
20 अप्रैल को बिगड़ी थी हालत
दरअसल तिहाड़ जेल प्रशासन को बिहार के बाहुबली और RJD के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के कोरोना संक्रमित होने का पता तब लगा जब, 20 अप्रैल को उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। जिस तरह के उसके शरीर में लक्षण नजर आए, उसके मद्देनजर कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही शहाबुद्दीन को तुरंत तिहाड़ जेल के चिकित्सकों की निगरानी में दे दिया गया।
दो दिन पहले कोर्ट ने बेहतर इलाज कराने का निर्देश दिया था
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और जेल प्रशासन को दो दिन पहले ही शहाबुद्दीन का इलाज बेहतर तरीके से कराने का निर्देश दिया था। जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा था कि कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर उनकी सेहत का ख्याल रखें। इससे पहले शहाबुद्दीन की तरफ से कोर्ट में यह कहा गया था कि उनका इलाज ठीक तरीके से नहीं हो रहा है इसके साथ कोर्ट ने शहाबुद्दीन को दिन भर में दो बार घर बात करने की इजाजत भी दी थी।
उम्र कैद की सजा हुई है
शहाबुद्दीन पर करीब 30 से ज्यादा केस दर्ज थे। 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ लाने का आदेश दिया था। तिहाड़ से पहले वे बिहार की भागलपुर और सीवान की जेल में भी लंबे समय तक सजा काट चुके थे। 2018 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए, लेकिन जमानत रद्द होने की वजह से उन्हें वापस जेल जाना पड़ा।
पिछले साल पिता का हुआ था निधन
इससे पहले पिछले साल सितंबर में पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के पिता शेख मोहमद हसीबुल्लाह (90 वर्ष) का निधन हो गया था। उस वक्तर तिहाड़ में बंद पूर्व सांसद को पैरोल पर लाने की मंजूरी नहीं मिल पाई थी। हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में आजावीन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं।
अलग बैरक में रखा गया था माफिया को
तिहाड़ जेल में शहाबुद्दीन को एकदम अलग बैरक में रखा गया था। उस बैरक में शहाबुद्दीन के अलावा कोई दूसरा कैदी नहीं था। जेल के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि तिहाड़ में तीन ऐसे कैदी (शहाबुद्दीन, छोटा राजन और नीरज बवाना) हैं जिनको अलग-अलग बैरकों में अकेला रखा गया है। इनका किसी से भी मिलना-जुलना नहीं होता है। पिछले 20-25 दिनों से इनके परिजनों को भी इन कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।



